उच्चतम न्यायालय ने पोंजी मामले में हरियाणा की कंपनी के निदेशक को अंतरिम जमानत दी
नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने पोंजी योजना के जरिये करीब 31 लाख निवेशकों से ठगी करने के आरोपी एवं हरियाणा की एक कंपनी के एक निदेशक को बुधवार को चार सप्ताह की अंतरिम जमानत दी। आरोपी को अपने माता-पिता की मृत्यु हो जाने पर अंतिम संस्कार से जुड़ी रस्म में शामिल होने के लिए जमानत …
नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने पोंजी योजना के जरिये करीब 31 लाख निवेशकों से ठगी करने के आरोपी एवं हरियाणा की एक कंपनी के एक निदेशक को बुधवार को चार सप्ताह की अंतरिम जमानत दी। आरोपी को अपने माता-पिता की मृत्यु हो जाने पर अंतिम संस्कार से जुड़ी रस्म में शामिल होने के लिए जमानत दी गई है। न्यायमूर्ति डी. वाई चन्द्रचूड़, न्यायमूर्ति ए. एस. बोपन्ना और न्यायमूर्ति जे. बी. परदीवाला की पीठ ने इसपर संज्ञान लिया कि याचिकाकर्ता की माता की 11 अगस्त को, जबकि उसके पिता की 18 अगस्त को मृत्यु हो गई।
याचिकाकर्ता ने अपने माता-पिता की मृत्यु हो जाने पर उनके अंतिम संस्कार से जुड़ी रस्मों में हिस्सा लेने के लिए चार सप्ताह के लिए रिहा करने का अनुरोध किया था। पीठ ने कहा, ‘‘जमानत पर कुछ दिनों की रिहाई के लिए दिए गए कारणों के मद्देनजर हमारा विचार है कि याचिकाकर्ता को आज से चार सप्ताह के लिए जमानत दी जानी चाहिए। उसे कुछ शर्तों के साथ चार सप्ताह के लिए जमानत पर रिहा किया जाना चाहिए।
’’ पीठ ने कहा, ‘‘याचिकाकर्ता को अंतरिम जमानत की अवधि के दौरान हरियाणा के हिसार जिले में ही रहना होगा, वह सिर्फ उन दिनों जिले से बाहर जा सकता है जब उसे धार्मिक रस्म अदायगी करना करना हो, और इसके लिए उसे संबंधित थाने के प्रभारी को पूर्व जानकारी देनी होगी।’’ पीठ ने कहा, ‘‘याचिकाकर्ता को पासपोर्ट जांच अधिकारी (आईओ) के पास जमा करना होगा। साथ ही, अंतरिम जमानत की अवधि समाप्त होने के तुरंत बाद उसे आत्मसर्मपण करना होगा।’’ हरियाणा पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत ठगी और साजिश के अलावा अन्य अधिनियमों के तहत आरोप दर्ज किया था।
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