बरेली: गणेश चतुर्थी को लेकर तैयारियां शुरू, 10 दिन तक चलेगा ये महापर्व
बरेली, अमृत विचार। 10 वर्षों के बाद गणेश चतुर्थी और बुधवार एक साथ बुधवार के स्वामी स्वय गणपति है और उसी दिन उनका जन्म होना लोगों को धन वृद्धि एवं क्लेश नाश करेंगे चन्द्र के साथ बुध की युति शुभ फल देने वाली होती है। इस बार गणेश जी के जन्म समय इन दोनों ग्रहों …
बरेली, अमृत विचार। 10 वर्षों के बाद गणेश चतुर्थी और बुधवार एक साथ बुधवार के स्वामी स्वय गणपति है और उसी दिन उनका जन्म होना लोगों को धन वृद्धि एवं क्लेश नाश करेंगे
चन्द्र के साथ बुध की युति शुभ फल देने वाली होती है। इस बार गणेश जी के जन्म समय इन दोनों ग्रहों की युति बन रही है। गणेश आराधना करके आप कूटनीतिज्ञ हो सकते हैं। अपनी वाणी से लोगों का आसानी से दिल जीतना एवं व्यावसायिक क्षेत्रों में आपको अच्छी सफलता मिलेगी। इस बारे में आचार्य रमाकांत दीक्षित राधा कृष्ण मंदिर मारवाड़ी गंज ने बताया कि राहुकाल में भूलकर भी ना करें।
बप्पा की स्थापना भादो शुक्ला और चतुर्थी दोपहरा की दोपहर को गणेश जी का जन्म दोपहर 12 बजे का है और राहुकाल 12 से 1:30 तक है राहुकाल मे़ स्थापना से धन क्षीण होगा। इस लिए सुबह 5 :51 से 9:02 तक शुभ समय 10:37 से 11:58 तक 15:23 से 18:34 तक है स्थापना का शुभ समय।
भगवान गणेश जी की पूजा विधि
- इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान कर लें।
- स्नान करने के बाद घर के मंदिर में दीप प्रज्वलित करें।
- इस दिन गणेश जी की प्रतिमा की स्थापना की जाती है।
- गणपति भगवान का गंगा जल से अभिषेक करें।
- गणपति की प्रतिमा की स्थापना करें।
- संभव हो तो इस दिन व्रत भी रखें।
- भगवान गणेश को पुष्प अर्पित करें।
- भगवान गणेश को दूर्वा घास भी अर्पित करें। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार दूर्वा घास चढ़ाने से भगवान गणेश प्रसन्न होते हैं।
- भगवान गणेश को सिंदूर लगाएं।
- भगवान गणेश का ध्यान करें।
- गणेश जी को भोग भी लगाएं। आप गणेश जी को मोदक या लड्डूओं का भोग भी लगा सकते हैं।
- भगवान गणेश की आरती जरूर करें।
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