बरेली: मंडल चिकित्सालय पूर्वोत्तर रेलवे की कंसलटेंट डेंटल सर्जन को जबरन सेवानिवृत्ति
बरेली, अमृत विचार। मंडल चिकित्सालय पूर्वोत्तर रेलवे इज्जतनगर में तैनात कंसलटेंट डेंटल सर्जन डा. मृदुला को रेलवे ने जबरन सेवानिवृत्ति दे दी। रेलवे अभिलेखों में उनकी दो जन्मतिथि चल रही थीं। जिसमें अपर चिकित्सा मुख्य अधीक्षक को सेवा विस्तार दिया गया था। सेवा विस्तार के बाद उनका पदनाम कंसलटेंट डेंटल सर्जन हो गया था। इस …
बरेली, अमृत विचार। मंडल चिकित्सालय पूर्वोत्तर रेलवे इज्जतनगर में तैनात कंसलटेंट डेंटल सर्जन डा. मृदुला को रेलवे ने जबरन सेवानिवृत्ति दे दी। रेलवे अभिलेखों में उनकी दो जन्मतिथि चल रही थीं। जिसमें अपर चिकित्सा मुख्य अधीक्षक को सेवा विस्तार दिया गया था। सेवा विस्तार के बाद उनका पदनाम कंसलटेंट डेंटल सर्जन हो गया था। इस लिहाज से उन्हें वर्ष 2024 में सेवानिवृत्त होना था, लेकिन जन्मतिथि का मामला सामने आने के बाद उन्हें पिछले सप्ताह जबरन सेवानिवृत्त करते हुए अस्पताल के उनके कमरे को सीज कर दिया गया है। जितने दिन ज्यादा काम करके उन्होंने वेतन लिया है, उसकी वसूली रेलवे करेगा। इस प्रकरण में रेलवे अफसरों की भी लापरवाही सामने आ रही है।
अस्पताल के सूत्रों ने बताया कि रेलवे के डाक्टर 62 साल में सेवानिृत्त होते हैं। रिटायरमेंट के बाद तीन साल तक उन्हें सेवा विस्तार मिल सकता है। मौजूदा समय में कई डाक्टरों ने सेवा विस्तार लेने से मना कर दिया, जबकि अस्पताल के एक डाक्टर ने सेवा विस्तार का आवेदन किया है। इन दिनों अखिल भारतीय स्तर पर रेलवे सेवा विस्तार वाले अफसरों की समीक्षा कर रहा है। इस समीक्षा के दौरान डा. मृदुला का मामला पकड़ में आया है।
सूत्रों के अनुसार समीक्षा के दौरान जो प्रमाणपत्र मिले हैं। उनमें डा. मृदुला की जन्मतिथि मई, 1957 दर्ज है। इस जन्मतिथि और सेवा विस्तार के बाद मई 22 में इनकी सेवानिवृत्त हो गई थी, लेकिन किसी अन्य प्रमाण पत्र में उनकी जन्मतिथि 1959 दर्ज है। इस जन्मतिथि के अनुसार उनका सेवाविस्तार 2024 में पूरा हो रहा है। सूत्रों के अनुसार जन्मतिथि में गड़बड़ी का मामला सामने आने के बाद जांच कराई गई। पिछले सप्ताह यहां टीम अस्पताल में आकर उनका कमरा सीज कर गई। अधिकारिक सूत्रों ने बताया कि जन्मतिथि में अंतर का मामला सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई है।
रेल अभिलेखों में हुई त्रुटि की बात सामने आने के बाद यह पड़ताल की जा रही है कि जन्मतिथि में अंतर किस तरह किया गया है। इज्जतनगर मंडल अस्पताल के जिस कमरे में डा. मृदुला बैठती थीं, उस कमरे में कीमती उपकरण लगे हुए हैं। 16 अगस्त को डा. मृदुला को 30 मई से ही जबरन सेवानिवृत करने का पत्र यहां आया तो स्थानीय प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई की। रेलवे का मानना है कि जब वह दोबारा आएंगी तब उनके सामने कमरा खोलकर मौजूदा अभिलेखों का मिलान कराया जाएगा।
चार्ज में जो भी अभिलेख, सरकारी वस्तु होगी, उसे सरेंडर कराया जाएगा, लेकिन पत्र मिलने के लगभग 9 दिन बाद भी डा. मृदुला रेलवे अस्पताल नहीं आई हैं। इससे अब भी उनका कमरा सीज ही है। सूत्रों ने बताया कि रेलवे ने मई 1957 की जन्मतिथि को ही सही मानते अपर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक पद पर तैनाती के बाद उन्हें तीन साल तक सेवाविस्तार देकर कंसलटेंट डेंटल सर्जन मानते हुए मई 22 को जबरन सेवानिवृत्त कर दिया है, लेकिन उन्होंने जून जुलाई और अगस्त के 15 दिन यानी ढाई महीने जबरन काम करके रेलवे से लाखों रुपये वेतन लिया है। इस मामले में रेल प्रवक्ता राजेंद्र सिंह बात करने का प्रयास किया गया मगर संपर्क नहीं हो सका।
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