बरेली: ब्लॉक प्रमुखी हथियाने को बना फर्जी जाति प्रमाणपत्र, खतरे में विजेता ठाकुर की कुर्सी
बरेली/आंवला, अमृत विचार। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2021 में जब रामनगर ब्लॉक प्रमुख की सीट महिला (अनुसूचित जाति) की आरक्षित हुई तो ब्लॉक प्रमुखी हथियाने के लिए बड़े स्तर पर खेल रचा गया। वर्तमान ब्लॉक प्रमुख विजेता ठाकुर ने अपने पति मित्रपाल के जरिए अपना फर्जी अनुसूचित जाति (नट) का प्रमाण पत्र बनवाया और उसी के …
बरेली/आंवला, अमृत विचार। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2021 में जब रामनगर ब्लॉक प्रमुख की सीट महिला (अनुसूचित जाति) की आरक्षित हुई तो ब्लॉक प्रमुखी हथियाने के लिए बड़े स्तर पर खेल रचा गया। वर्तमान ब्लॉक प्रमुख विजेता ठाकुर ने अपने पति मित्रपाल के जरिए अपना फर्जी अनुसूचित जाति (नट) का प्रमाण पत्र बनवाया और उसी के जरिए पर्चा दाखिल कर निर्वाचित होकर बीडीसी सदस्य बन गईं। उसके बाद ब्लॉक प्रमुख चुनाव भी जीत लिया लेकिन उनका यह षड़यंत्र छिप नहीं पाया।
ब्लॉक प्रमुखी में हार का सामना करने वाली भाजपा प्रत्याशी नेहा आर्य ने मुख्यमंत्री व डीएम से शिकायत की तो मामले में विजेता ठाकुर के जाति प्रमाणपत्र के विरुद्ध जांच शुरू हो गई। जांच पूरी होने के बाद मालूम हुआ कि विजेता ठाकुर ने मायके की जाति काे छिपाकर चुनाव जीतने के लिए पति की जाति का अनुसूचित जाति (नट) का प्रमाणपत्र बनवाया था।
विजेता मध्यप्रदेश के जिला नरसिंहपुर की तहसील करेली की रहने वाली हैं, उनके पिता कुचबंधिया जाति के हैं। जांच में विजेता ठाकुर की जाति ससुराल पक्ष की नट न मानते हुए मायके की कुचबंधिया जाति के ही प्रमाण मिले। यह स्पष्ट होने के बाद जिलाधिकारी की ओर से गठित जिला जाति सत्यापन समिति ने विजेता ठाकुर के जाति प्रमाणपत्र को निरस्त करने की संस्तुति की।
इस पर अपर जिलाधिकारी नगर डा आरडी पांडेय ने विजेता ठाकुर का जाति प्रमाणपत्र निरस्त कर दिया। जाति प्रमाणपत्र के निरस्त होने के बाद विजेता ठाकुर की ब्लॉक प्रमुखी खतरे में पड़ गई है। इनके विरुद्ध मामले में धोखाधड़ी की एफआईआर भी कराई जा सकती है।
निर्दलीय चुनाव जीता, पति मंडल महामंत्री तो विजेता भाजपा से जुड़ीं
आंवला तहसील के कसूमरा गांव निवासी विजेता ठाकुर ने पंचायत चुनाव में बीडीसी सदस्य के लिए पर्चा दाखिल किया तब वह निर्दलीय थीं। उन्होंने बीडीसी के बाद ब्लॉक प्रमुख की सीट भी निर्दलीय जीती। बाद में विजेता के पति मित्रपाल भाजपा में आंवला की जिला कमेटी में मंडल महामंत्री बन गए। इसके बाद ब्लॉक प्रमुख भी भाजपा से जुड़ गईं और भाजपा के सभी कार्यक्रमों में आना-जाना है।
ब्लॉक प्रमुखी में विजेता को 51 तो भाजपा की नेहा को मिले थे 14 मत
रामनगर सीट से चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने जाटव जाति की नेहा आर्य को अपना प्रत्याशी बनाया था। वहीं, निर्दलीय के तौर पर विजेता ठाकुर पत्नी मित्रपाल ने चुनाव लड़ा था। विजेता को ब्लॉक प्रमुखी चुनाव में 51 मत मिले थे, जबकि 14 मत नेहा आर्य और 4 मत सपा को मिले थे। नेहा आर्य ने मौजूदा ब्लाक प्रमुख के जाति प्रमाण पत्र को लेकर आपत्ति जताई थी। इस पर जिलाधिकारी ने टीम गठित कर जांच कराई थी। जांच समिति में एडीएम सिटी, एसडीएम सदर, जिला समाज कल्याण अधिकारी व जिला पिछड़ा वर्ग अधिकारी शामिल थे।
प्रमाण पत्र बनाने वाले अफसर भी सवालों के घेरे में
फर्जी प्रमाणपत्र के बूते ब्लॉक प्रमुख की कुर्सी तक पहुंचने वाली विजेता ठाकुर कठघरे में हैं ही, सबसे बड़ा सवाल ताे उन अफसरों पर खड़ा हो रहा है, जिन्होंने फर्जी प्रमाण पत्र जारी कर दिया। जबकि यही अधिकारी आम लोगों के जायज काम को करने में भी लंबा समय लगाने के साथ टरकाते रहते हैं, लेकिन गलत काम को कैसे कर देते हैं, यह मामला बानगी के तौर पर काफी है। अब सवाल यह उठता है कि क्या उन अफसरों पर कार्रवाई होगी, जिन्होंने यह प्रमाण पत्र जारी किया।
6 मार्च 2021 को जारी हुआ था प्रमाण पत्र
ब्लॉक प्रमुखी के चुनाव के लिए 6 मार्च 2021 को विजेता ठाकुर का प्रमाण पत्र संख्या 203214000910 जारी किया गया था। तहसीलदार आंवला की ओर से प्रमाण पत्र जारी किया गया था। 27 जुलाई को समिति ने जाति प्रमाणपत्र निरस्त करने संंबंधी संस्तुति रिपोर्ट डीएम को भेज दी थी। डीएम के निर्देश पर 23 अगस्त को निरस्तीकरण का आदेश जारी हुआ था।
जिला स्तरीय सत्यापन समिति ने जाति प्रमाण पत्र को निरस्त कर दिया है। ब्लाॅक प्रमुख ने पति की जाति का प्रमाण बनवाकर चुनाव जीता था। जांच के बाद कार्रवाई की गई—डॉ. आरडी पांडेय, एडीएम सिटी।
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