लखनऊ: वाणिज्य कर अधिकारी बनकर ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, चार गिरफ्तार
लखनऊ। खुद को वाणिज्य कर विभाग या सचिवालय का अधिकारी बताकर भोले-भाले लोगों को धमका कर ठगी व लूटपाठ करने वाले गिरोह का कृष्णा नगर पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। गिरोह के चार सदस्यों को टेक्निकल स्कूल विजय नगर के पास से गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान गिरोह सरगना प्रयागराज निवासी रितेश कुमार, आशियाना …
लखनऊ। खुद को वाणिज्य कर विभाग या सचिवालय का अधिकारी बताकर भोले-भाले लोगों को धमका कर ठगी व लूटपाठ करने वाले गिरोह का कृष्णा नगर पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। गिरोह के चार सदस्यों को टेक्निकल स्कूल विजय नगर के पास से गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान गिरोह सरगना प्रयागराज निवासी रितेश कुमार, आशियाना के बंगला बाजार निवासी सूरज और आलमबाग के रहने वाले इंद्रजीत उर्फ श्रवण सिंह व विनय कुमार के रूप में हुई है।
मामले की जानकारी देते हुए डीसीपी मध्य अपर्णा रजत कौशिक ने बताया कि गत 22 अगस्त को आशाराम बापू आश्रम रोड पर मानस नगर में चाय-समोसे की दुकान लगाने वाली रजनी वर्मा ने प्राथमिकी दर्ज कराते हुए बताया था कि उसकी दुकान पर सरकारी नंबर की कार से चार लोग चाय पीने के लिए आये थे। समोसा मांगा तो बेटे ने समोसा दे दिया। युवकों ने समोसा ठंडा होने पर गुस्साते हुए जमकर गालीगलौज की और तोड़फोड़ करते बुरी तरह मां-बेटे को पीटा। इसके बाद जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए।
डीसीपी मध्य ने बताया कि मामले की जांच करते हुए घटना स्थल पर एक सीसीटीवी फुटेज बरामद किया गया, जिसके आधार पर आरोपियों की पहचान की गई। शनिवार को आरोपियों को गिरफ्तार किया और उनके पास से फर्जी सरकारी नंबर की कार, फर्जी सचिवालय की आईडी आदि बरामद किया गया।
आईडी कार्ड में लिखवा रखा था एसटीएफ यूपी का सरकारी नंबर
डीसीपी मध्य ने बताया कि आरोपी रितेश कुमार की कार में सरकार नंबर (यूपी 32 बीजी 6388) अंकित था। जानकारी ली गई तो पता चला कि कार का नंबर फर्जी है और वास्तविक नंबर डीएल 09 सीवाई 7225 है। रितेश ने बताया कि इस नंबर से एक्सिडेंट होने के कारण वह पीजीआई थाने से एक बार जेल जा चुका है। जेल से छूटने के बाद उसने कार की नंबर प्लेट बदलकर फर्जी सरकारी नंबर लिखवा लिया। वहीं आरोपियों के पास से एक सचिवालय का एक फर्जी परिचय प्रमाण पत्र मिला है, जिसमें अंकित नंबर एसटीएफ यूपी का सरकारी नंबर है।
सरकारी अधिकारी बनकर करते थे रंगदारी व लूटपाट
आरोपियों ने बताया कि वे सरकारी अधिकारी बनकर भोले-भाले लोगों पर रौब झाड़कर रंगदारी मांगते थे। वहीं जबरन वसूली और लूटपाट भी करते थे। कार से एक नकली पिस्तौल और लोहे की रॉड बरामद हुई है। आरोपियों ने बताया कि पकड़े जाने पर वे नकली पिस्तौल दिखाकर या लोहे की रॉड से हमला कर फरार हो जाते थे।
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