बरेली: बिजली संकट पर जनप्रतिनिधियों का गुस्सा, ऊर्जा मंत्री के समक्ष शिकायतों की बौछार
बरेली, अमृत विचार। विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली से हर कोई बहुत त्रस्त है। बिजली अधिकारियों के द्वारा समस्याएं हल नहीं करने को लेकर आमजन क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों से शिकायतें करते हैं। शिकायतों का यह सिलसिला गर्मी के सीजन से चला आ रहा है जो अभी तक जारी है। बिजली अधिकारियों के फोन नहीं उठाने, फुंके ट्रांसफार्मर तय …
बरेली, अमृत विचार। विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली से हर कोई बहुत त्रस्त है। बिजली अधिकारियों के द्वारा समस्याएं हल नहीं करने को लेकर आमजन क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों से शिकायतें करते हैं। शिकायतों का यह सिलसिला गर्मी के सीजन से चला आ रहा है जो अभी तक जारी है। बिजली अधिकारियों के फोन नहीं उठाने, फुंके ट्रांसफार्मर तय समय में नहीं बदलवाने, रोस्टिंग के नाम पर कटौती के साथ अन्य शिकायतें मिलने से परेशान जनप्रतिनिधियों ने रविवार को मंडल प्रभारी मंत्री अरविंद कुमार शर्मा की समीक्षा बैठक में शिकायताें की बौछार कर दी।
सांसद हो या विधायक हर कोई बिजली की अव्यवस्था को लेकर प्रभारी मंत्री से शिकायत करते नजर आया। समीक्षा बैठक में प्रभारी मंत्री ने जिलाधिकारी शिवाकांत द्विवेदी से ट्यूबवेल चलाने वाले किसानों के बिजली बिल के संबंध में जब जानकारी ली तो डीएम ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में लो वोल्टेज की समस्या से किसानों को परेशानी हो रही है।
लो-वोल्टेज की समस्या होने के कारण परिवर्तक एवं सिंचाई मशीनरी क्षतिग्रस्त हो जाती है, जिसके कारण सिंचाई बाधित होती है। किसानों को हानि का सामना भी करना पड़ता है। प्रभारी मंत्री ने चीफ इंजीनियर को सख्त निर्देश दिए कि उपभोक्ताओं को दिक्कतें न हों। लापरवाह जेई, एसडीओ और अभियंताओं के विरुद्ध कार्रवाई करें।
कलेक्ट्रेट सभागार में जिले के विकास कार्यों की समीक्षा करने पहुंचे ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा के समक्ष शिकायतों का अंबार लगा तो उन्होंने कहा कि विद्युत की मांग बढ़ने, जर्जर परिवर्तकों, लाइनों एवं अन्य विद्युत संरचना के कारण कठिनाइयां सामने आई हैं, जिसके कारण उपभोक्ताओं को समस्याओं का सामना करना पड़ा है लेकिन दिक्कत पर उपभोक्ता विद्युत विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों से संपर्क करने की कोशिश करता है तो उनके फोन या तो बंद होते हैं या उठते नहीं हैं, तो ऐसे जिम्मेदार सुधार कर लें।
संकट के समय में विद्युत विभाग का दायित्व है कि हम उनकी समस्याओं का प्रमुखता के साथ निस्तारण कराएं। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि रिवैंप्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम का कार्य डेढ़ माह में शुरू हो जाएगा। एडीबी योजना के तहत 500 से अधिक जनसंख्या वाले भी मजरे शामिल करके जर्जर लाइनों की मरम्मत कराई जाएगी।
किसने क्या शिकायत की
विधायक बिथरी चैनपुर डा. राघवेन्द्र शर्मा ने बताया कि बिजली व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता है। विद्युत परिवर्तक एवं विद्युत उपकेंद्र कम क्षमता के हैं। जिसके कारण उनकी क्षमता बढ़ाना जरूरी है। वर्तमान में विगत की तुलना में विद्युत का उपयोग लगभग 35 प्रतिशत बढ़ गया है।
एमएलसी कुंवर महाराज सिंह ने बताया कि जो नवीन विद्युत उपकेंद्र बने हैं उन पर भार अत्यधिक कम है जबकि पुराने विद्युत उपकेंद्र अतिभारित हैं क्योंकि वितरण क्षेत्र में निर्मित नवीन विद्युत उपकेंद्रों के पास आने वाले ग्राम भी पुराने विद्युत उपकेंद्रों से जुड़े हुए हैं। उक्त ग्रामों की पुराने विद्युत उपकेंद्रों से दूरी अधिक होने के कारण विद्युत लाइन काफी लंबी तथा क्षतिग्रस्त है। वहीं उन्होंने कहा कि विद्युत विभाग के कर्मचारी ग्रामीण क्षेत्र में जाते हैं और विद्युत उपभोक्ताओं के यहां चेकिंग के दौरान अनियमितता पाए जाने पर उसकी विडियो बना लाते हैं तथा बाद में साठगांठ कर मामले का निपटारा कर लेते हैं।
पूर्व केन्द्रीय मंत्री और सांसद संतोष कुमार गंगवार ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में विद्युत व्यवस्था ठीक चल रही है लेकिन अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा ग्रामीण क्षेत्र में जिन उपभोक्ताओं पर विद्युत बकाया है उनके कनेक्शन पूर्व सूचित किए बिना ही काट दिए जाते हैं जबकि उन्हें पूर्व सूचित कर विद्युत बकाया जमा करने के लिए समय दिया जाना चाहिए।
विधायक मीरगंज डा. डी सी वर्मा ने बताया कि मीरगंज क्षेत्र में कुल 05 नग 33/11 के विद्युत उपकेन्द्र हैं। जबकि मीरगंज क्षेत्र की सप्लाई परसाखेडा एवं रिछा से है। यदि नवीन 33 केवी लाइनों का निर्माण करा दिया जाये तो मीरगंज क्षेत्र को नवीन विद्युत उपकेन्द्रों से जोड़ा जा सकता है। 33/11 केवी विद्युत उपकेन्द्र- फतेहगंज शाही, मीरगंज, जाफरपुर की विद्युत आपूर्ति रिछा से की जाती है जिसकी दूरी अत्यधिक है।
सांसद आंवला धर्मेन्द्र कश्यप ने बताया कि क्षेत्र में 25-25 केवीए के परिवर्तक लगे हैं। जो बार-बार क्षतिग्रस्त हो जाते हैं। उसके बाद भी उनकी क्षमता वृद्धि नहीं की जा रही है जिसके कारण उपभोक्ताओं को काफी समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
विधायक फरीदपुर श्याम बिहारी लाल के फरीदपुर कि विद्युत आपूर्ति के संबंध में पूछने पर अधीक्षण अभियंता विद्युत वितरण मण्डल ने बताया कि फरीदपुर क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति के लिए 220 केवीए का परिवर्तक बनकर तैयार हैं। जल्द ही उसे भार पर ले लिया जायेगा।
मंत्री धर्मपाल सिंह ने भी की शिकायत
दुग्ध एवं पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह ने प्रभारी मंत्री से शिकायत करते हुए कहा कि अलीगंज थाना क्षेत्र के गांव रुखाड़ा में किसानों से रुपये लेकर बिजली लाइन खींच दी गई। उनको कनेक्शन देने के बावजूद कोई प्रपत्र नहीं दिए गए। अब किसानों के कनेक्शन काटने के साथ ही उनके विरुद्ध अभियोग पंजीकृत करा दिया गया। इस पर अधीक्षण अभियंता ग्रामीण अशोक कुमार चौरसिया ने बताया कि आरोपित कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने के लिए तहरीर दी है लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई।
भाजपा नेताओं की भी नहीं सुनते अफसर
प्रदेश और देश में भारतीय भारतीय जनता पार्टी की सरकार होने के बावजूद उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। यह सुनकर बिजली विभाग की समीक्षा के दौरान ऊर्जा मंत्री असहज हो गए। भाजपा के एक पदाधिकारी ने कहा कि शहर के किला क्षेत्र में तैनात एसडीओ भाजपा का नाम सुनते ही अभद्र भाषा का प्रयोग करने लगते हैं। जनप्रतिनिधि ने बताया कि एसडीओ आम उपभोक्ताओं से नहीं मिलते, इससे कई शिकायतों का निस्तारण नहीं हो पाता है। जिसके बाद ऊर्जा मंत्री ने जांच के आदेश दिए है।
अधिकारी बोले-24 घंटे दी जा रही बिजली
ऊर्जा मंत्री के बिजली आपूर्ति के बारे में पूछने पर अफसरों ने बताया कि जिला मुख्यालय पर औसतन 23.33 घंटे, तहसील स्तर पर 21.08 घंटे बिजली आपूर्ति दी जा रही है। पृथक कृषि पोषक के निर्धारित 10 घंटे के सापेक्ष औसतन 8.29 घंटे मिनट की विद्युत आपूर्ति की जा रही है। ऊर्जा मंत्री के पूछने पर अधीक्षण अभियंता अशोक कुमार चौरसिया ने बताया कि निजी नलकूपों के लिए 4165 नग आवेदन आए थे, जिसमें 1962 उपभोक्ताओं को निजी नलकूप का कनेक्शन प्रदान दिया जा चुका है। 2296 आवेदकों को जल्द ही कनेक्शन निर्गत कर दिया जायेगा।
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