पीलीभीत: चला सिस्टम का चाबुक, विष्णुधाम कॉलोनी अवैध घोषित
अमृत विचार, पीलीभीत। बिना नक्शा पास कराए कालोनी बनाने वाले रसूखदारों पर सिस्टम का चाबुक चला है। जनपद के अधिकारियों के साथ ही मुख्यमंत्री तक हुई शिकायतों के बाद प्रशाासन ने सुध ली है। एक्शन मोड में आते हुए विष्णुधाम कालोनी को अवैध घोषित कर दिया गया है। सिटी मजिस्ट्रेट डा. राजेश कुमार की ओर …
अमृत विचार, पीलीभीत। बिना नक्शा पास कराए कालोनी बनाने वाले रसूखदारों पर सिस्टम का चाबुक चला है। जनपद के अधिकारियों के साथ ही मुख्यमंत्री तक हुई शिकायतों के बाद प्रशाासन ने सुध ली है। एक्शन मोड में आते हुए विष्णुधाम कालोनी को अवैध घोषित कर दिया गया है। सिटी मजिस्ट्रेट डा. राजेश कुमार की ओर से की गई कार्रवाई के बाद हड़कंप मच गया है।
शहर के तमाम रसूखदारों की ओर से विष्णुधाम कालोनी बनाई गई। इस कालोनी का नक्शा पास नहीं कराया गया और प्लाट बेचे जाते रहे। इसके अलावा यह जमीन भी विवादित रही। कालोनी काटने वालों पर कूटरचित दस्तावेज की मदद से जमीन को हड़पने के आरोप लगे। इसकी एसपी के निर्देश पर सुनगढ़ी थाने में कानपुर जनपद के काकादेव थाना क्षेत्र के सिंधी कालोनी शास्त्री नगर के निवासी नरेंद्र कुमार की ओर से 20 मई को सुनगढ़ी थाने में धारा 420, 467, 468, 471 के तहत एफआईआर भी दर्ज कराई गई थी।
जिसमें अशोक कालोनी निवासी सतीश कुमार धामेजा, सुरेश कुमार धामेजा, सुनील कुमार धामेजा, आवास विकास कालोनी निवासी घनश्याम मामलानी, सैदपुर पिपरिया अगरू गांव निवासी अशोक कुमार, मोहल्ला बाग गुलशेर खां निवासी गोपाल कुमार, मोहल्ला फीलखाना निवासी दिनेश चंद को नामजद किया गया था। आरोप था कि पीड़ित के पिता किशनचंद ने अपनी संपत्ति (जमीन) की देखरेख करने की जिम्मेदारी सतीश धामेजा को मौखिक रूप से दी थी।
आरोपियों ने जालसाजी करते हुए जमीन की गिफ्ट डीड करा दी। डीड पर पीड़ित के चाचा और पिता के फर्जी हस्ताक्षर किए गए। इसके बाद जमीन पर प्लाटिंग कर दी गई। 18 बैनामे कर 2000 वर्ग मीटर जगह के कर दिए गए। पुलिस की धीमी गति से चल रही विवेचना और आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर भी एसपी से दोबारा शिकायत की गई। मुख्यमंत्री के समक्ष जाकर कार्रवाई की गुहार लगाने की बात पीड़ित ने कही थी। उधर, आरोपियों के द्वारा बनाई गई कालोनी की प्रशासन के स्तर से भी जांच चल रही थी। नक्शा पास न होने पर अब इस कालोनी को अवैध घोषित कर दिया गया है।
