पीलीभीत: कचहरी भी नहीं रखा पाई पुलिस, सात चैंबरों के ताले चटकाए

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पीलीभीत, अमृत विचार। पुलिस अधिकारी सुरक्षा को लेकर तमाम दावे करते रह गए और चोरों ने एक बार फिर कचहरी परिसर को ही निशाना बना लिया। एक ही रात में अधिवक्ताओं के सात चैंबरों के ताले चटकाए। कोई कीमती सामान न मिलने से बड़ी वारदात टल गई। एक चैंबर से पंखा समेत अन्य छिटपुट सामान …

पीलीभीत, अमृत विचार। पुलिस अधिकारी सुरक्षा को लेकर तमाम दावे करते रह गए और चोरों ने एक बार फिर कचहरी परिसर को ही निशाना बना लिया। एक ही रात में अधिवक्ताओं के सात चैंबरों के ताले चटकाए। कोई कीमती सामान न मिलने से बड़ी वारदात टल गई। एक चैंबर से पंखा समेत अन्य छिटपुट सामान समेट ले गए। इसकी सूचना पर पुलिस ने मौका मुआयना कर औपचारिकता निभाई। फिर छिटपुट चोरी मानकर कर्तव्यों से इतिश्री कर ली गई।

घटना शुक्रवार रात की है। कचहरी में जिला जेल मोड़ के पास अधिवक्ताओं के चैंबर बने हुए हैं। इसके एक तरफ विकास भवन, डीएम कार्यालय और दूसरी तरफ पुलिस लाइन है। यहां पर सुरक्षा के लिए पुलिस की ड्यूटी भी रहती है। इसके बावजूद चोर आसानी से वारदात को अंजाम दे गए। चोरों ने अधिवक्ता इमराम अख्तर, प्रसनजीत सिंह, अजय कुमार शम्सा, एजाज अहमद समेत सात के चैंबर के ताले तोड़े। इकराम अहमद के यहां से पंखा व अन्य सामान चोरी कर लिया। शनिवार सुबह जब अधिवक्ता पहुंचे और चैंबरों के टूटे ताले देखे तो दंग रह गए। घटना को लेकर नाराजगी जताई गई। इसकी सूचना पुलिस को दी गई। कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और जानकारी जुटाई। फिलहाल, मामले को छिटपुट चोरी मानकर टाल दिया गया।

पहले भी उठ चुके सुरक्षा पर सवाल
सुरक्षा के लिहाज से वीआईपी इलाका होने के बाद भी कलेक्ट्रेट और कचहरी के आसपास चोरों की दस्तक बनी रही है। कई दुकानों के ताले तोड़कर चोर सामान समेट चुके हैं। अधिवक्ताओं के यहां भी चोरी हो चुकी है। कई मामलों में एफआईआर भी दर्ज कराई गई, लेकिन पुलिस खुलासे में फेल साबित हुई।

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