बरेली: पशुओं के लिए दो एंबुलेंस उपलब्ध, मगर चलाने के लिए चालक नहीं
अर्पित अवस्थी, अमृत विचार। पशुओं का जीवन बचाने के लिए गांवों में इलाज देने के मकसद से राज्य सरकार ने दो एंबुलेंस बरेली को भिजवाई हैं। दोनों एंबुलेंस आ भी गईं लेकिन इन्हें चलाने के लिए चालक नहीं हैं। इन्हें सदर पशु चिकित्सालय में खड़ा कराया गया है। एंबुलेंस पर डाक्टर व अन्य स्टाफ नहीं …
अर्पित अवस्थी, अमृत विचार। पशुओं का जीवन बचाने के लिए गांवों में इलाज देने के मकसद से राज्य सरकार ने दो एंबुलेंस बरेली को भिजवाई हैं। दोनों एंबुलेंस आ भी गईं लेकिन इन्हें चलाने के लिए चालक नहीं हैं। इन्हें सदर पशु चिकित्सालय में खड़ा कराया गया है। एंबुलेंस पर डाक्टर व अन्य स्टाफ नहीं है। ऐसे में सरकार की यह योजना कैसे परवान चढ़ेगी, यह अफसर भी नहीं बता पा रहे हैं। पशु विभाग के अधिकारी एंबुलेंस आने के बाद परेशान हो गए हैं।
गांवों से बीमार मवेशियों को स्वास्थ्य केन्द्र तक पहुंचाने के लिए 10 एम्बुलेंस के लिए पशुपालन विभाग की ओर से डिमांड की गई थी। इसके सापेक्ष दो दिन पहले दो एंबुलेंस शासन से भेजी गईं। विभागीय आकड़ों के अनुसार जिले में नौ लाख पशु हैं। इसके अलावा गोशालाओं में 8 हजार से अधिक गोवंश रह रहे हैं। प्रत्येक एम्बुलेंस में एक डाक्टर, फार्मासिस्ट व चालक की व्यवस्था भी कार्यदायी संस्था को ही करनी है।
यही टीम मौके पर पहुंचकर बीमार मवेशियों का इलाज करेगी। पशु विभाग के अनुसार एक लाख जनसंख्या में एक एम्बुलेंस मुहैया कराने की योजना बनाई गई है। इसके लिए टोल फ्री नम्बर 1962 भी जारी कर दिया गया है ताकि किसी भी पशुपालक का मवेशी बीमार हो तो डायल करके सहायता ले सके।
अब सवाल यह उठता है कि दो एंबुलेंस तो भेज दी गई हैं, लेकिन इनमें चालक है और न ही फार्मासिस्ट, इनका संचालन कैसे कराया जाएगा, इसके लिए न तो कार्यदायी संस्था की ओर से कोई व्यवस्था की गई और न ही विभाग की ओर से कोई रुपरेखा तैयार की गई है। शहर स्थित सदर पशु चिकित्सालय में दोनों एंबुलेंस को खड़ा किया गया है। यहां पर पांच बजे के बाद अस्पताल बंद हो जाता है, ऐसे में उनकी देखरेख कैसे की जाएगी। इसका कुछ अता-पता नहीं है। यहां पर पांच एंबुलेंस करीब 8 वर्ष पुरानी हैं, देखरेख के अभाव में यह गाड़ियां भी कंडम हो गई हैं।
यह सुविधाएं रहेंगी मुहैय्या
- पशुओं के इलाज के लिए सड़कों पर दौड़ती नजर आएंगी एंबुलेंस।
- इन वाहनों में आधुनिक उपकरणों के साथ स्टाफ रहेगा मौजूद।
- प्रचार-प्रसार के लिए प्रोजेक्टर और स्पीकर भी लगाया गया
- एंबुलेंस में पशुओं के उपचार की व्यवस्था रहेगी। बावजूद इसके आराम नहीं मिलने पर हाइड्रोलिक लिफ्ट की मदद से जानवरों को लादकर पशु अस्पतालों में लाया जाएगा।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. ललित कुमार वर्मा का कहना है कि शासन की ओर से अभी दो एंबुलेंस भेजी गई हैं, 8 आनी शेष हैं। कार्यदायी संस्था एंबुलेंस के लिए चालक, दवाएं और फार्मासिस्ट उपलब्ध कराएगी। जब तक व्यवस्था नहीं होती, इन्हें सदर पशु चिकित्सालय में खड़ा रखा जाएगा।
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