बाराबंकी: अपनी ही सरकार के खिलाफ सड़क पर उतरे पूर्व विधायक सुंदरलाल दीक्षित, जानें वजह
हैदरगढ़/बाराबंकी। हैदरगढ़ रेलवे स्टेशन पर द्रुतगामी ट्रेनों का ठहराव ना होने से भाजपा के पूर्व विधायक सुंदरलाल दीक्षित अपनी ही सरकार के खिलाफ आंदोलनरत हैं। सोमवार को उन्होंने हैदरगढ़ रेलवे स्टेशन पर अपने सैकड़ों समर्थकों के संग हैदरगढ़ रेलवे स्टेशन पर धरना देकर प्रदर्शन किया। इस दौरान स्टेशन अधीक्षक को डीआरएम व रेल मंत्री के …
हैदरगढ़/बाराबंकी। हैदरगढ़ रेलवे स्टेशन पर द्रुतगामी ट्रेनों का ठहराव ना होने से भाजपा के पूर्व विधायक सुंदरलाल दीक्षित अपनी ही सरकार के खिलाफ आंदोलनरत हैं। सोमवार को उन्होंने हैदरगढ़ रेलवे स्टेशन पर अपने सैकड़ों समर्थकों के संग हैदरगढ़ रेलवे स्टेशन पर धरना देकर प्रदर्शन किया। इस दौरान स्टेशन अधीक्षक को डीआरएम व रेल मंत्री के नाम संबोधित सौंपी है। इसके पूर्व में रेलवे विभाग के अधिकारियों से लगाकर केंद्रीय रेलवे मंत्री तक शिकायती पत्र भेजकर हैदरगढ़ में ट्रेनों का रुकवाने की मांग की थी। जिस पर अनदेखी की गई थी।
सुंदरलाल दीक्षित ने सोमवार को अपने सैकड़ों समर्थकों के संग हैदरगढ़ रेलवे स्टेशन का घेराव कर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया इस दौरान उनके समर्थकों ने भारत माता की जय, वंदे मातरम, सुंदर लाल तुम संघर्ष करो हम तुम्हारे साथ हैं। हैदरगढ़ में एक लाल सुंदरलाल सुंदरलाल, मेरी मांग पूरी हो चाहे जो मजबूरी हो ।आदि जोशीले नारे लगा रहे थे। स्टेशन अधीक्षक हैदरगढ़ रामेश्वर प्रसाद मीणा अपने कक्ष से बाहर आकर धरना स्थल पर ज्ञापन कापी लिया और संबंधित को भेजने का आश्वासन दिया। जिस पर धरना प्रदर्शन बंद हुआ।
इस मौके पर सुंदरलाल दीक्षित ने हैदरगढ़ रेलवे स्टेशन पर 2 साल पहले कई ट्रेनों को रुकने की बात कहकर उन्हें नए सिरे से रुकवाने की मांग की है और कहा कि गत 16 जुलाई 2022 व 19 अगस्त को 20 22 को मेरे द्वारा ट्रेनों को रुकवाने के लिए शिकायती पत्र रेलवे अधिकारियों व रेल मंत्री को दिए जा चुके हैं जिस पर उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की है। कहा कि यदि 15 दिनों के अंदर हैदरगढ़ रेलवे स्टेशन पर ट्रेन नहीं रोकी गई तो पुनः हम लोग यहां पर आकर व्यापक स्तर पर धरना प्रदर्शन करेंगे ।
ज्ञापन देने वालों में प्रमुख रूप से राजकुमार झुनझुनवाला, प्रेम नारायण दीक्षित( पप्पू): आशुतोष अग्रवाल, अध्यक्ष व्यापार मंडल शिव कुमार चतुर्वेदी, राजेंद्र अग्रवाल, संजीव गोयल, रंजीत सिंह, गणेश सिंह, रंजीत सिंह मंहत, रामू अवस्थी, राजेंद्र सिंह, बचान रावत, ठाकुर चंद्रशेखर सिंह ,राम अवस्थी, अच्छेलाल दीक्षित, कौशल किशोर राजपूत, पंकज सिंह, सौरभ मिश्रा, बबलू त्रिवेदी सहित सैकड़ों लोग शामिल रहे।
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