27 साल में 5000 गाड़ियां चुराने वाला ‘महाचोर’ पकड़ा गया, 3 बीवियां और 7 बच्चों का है बाप

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Edited By Amrit Vichar
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नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के खानपुर का रहने वाला अनिल चौहान (52) 1990 तक ऑटो ड्राइवर था। गाड़ी चोरी के धंधे में आया तो खूब दौलत कमा ली। दिल्ली छोड़ असम में बस गया। लग्जरी गाड़ियों की नॉर्थ ईस्ट में खरीद-फरोख्त करने से लेकर ये असम की राजनीति में दखल रखने लगा। ये असम …

नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के खानपुर का रहने वाला अनिल चौहान (52) 1990 तक ऑटो ड्राइवर था। गाड़ी चोरी के धंधे में आया तो खूब दौलत कमा ली। दिल्ली छोड़ असम में बस गया। लग्जरी गाड़ियों की नॉर्थ ईस्ट में खरीद-फरोख्त करने से लेकर ये असम की राजनीति में दखल रखने लगा। ये असम में सरकारी ठेकेदार तक बन गया। इसकी कार को सीधे असम विधानसभा में एंट्री मिलती थी, क्योंकि तत्कालीन विधायक रुमी नाथ ने इसके लिए पास बनवा रखा था। असम पुलिस ने 2015 में विधायक को भी इसके साथ अरेस्ट किया था। 2015 में एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ED) की इस पर नजर पड़ी, तो इसकी सारी प्रॉपर्टी नीलाम हो गई। यह अर्श से फर्श पर आ गया।

दिल्ली पुलिस ने सोमवार को देश के सबसे बड़े कार चोर अनिल चौहान को गिरफ्तार कर लिया। अनिल चौहान पर 5000 कारें चुराने का आरोप है। पुलिस का कहना है कि 52 साल के अनिल ने चोरी के दम पर दिल्ली, मुंबई और नॉर्थ ईस्ट में कई प्रॉपर्टी खरीदी हैं। वह रईसी वाली जिंदगी जी रहा था। पुलिस के मुताबिक, अनिल की तीन बीवियां और सात बच्चे हैं।

पुलिस का दावा है कि यह देश का सबसे बड़ा कार चोर है। इसने 27 साल में 5000 से ज्यादा कार चुराई हैं। सेंट्रल दिल्ली पुलिस के स्पेशल स्टाफ को अनिल के बारे में जानकारी मिली थी। इसके बाद उसे देशबंधु गुप्ता रोड से पकड़ा गया। पुलिस ने उसके पास से छह पिस्टल और सात कारतूस बरामद किए हैं।

अनिल चौहान ने 1995 के बाद उसने कार चुराना शुरू किया। 27 साल में उसने सबसे ज्यादा मारुति 800 मॉडल चुराया। अनिल देश के अलग-अलग इलाकों से कार चुराकर उन्हें नेपाल, जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर राज्यों को भेजता था। चोरी के दौरान उसने कई टैक्सी ड्राइवरों का मर्डर भी किया।

पुलिस के मुताबिक, अनिल फिलहाल हथियारों की तस्करी में शामिल है। उस पर आरोप है कि उसने उत्तर प्रदेश से हथियार लाकर पूर्वोत्तर राज्यों के प्रतिबंधित संगठनों को सप्लाई किए। प्रवर्तन निदेशालय ने उसके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस भी दर्ज किया था।
अनिल को पुलिस ने कई बार गिरफ्तार किया था। 2015 में एक बार वह कांग्रेस MLA के साथ गिरफ्तार किया गया था। तब उसने पांच साल जेल में बिताए और 2020 में रिहा हुआ। उसके खिलाफ 180 केस दर्ज हैं।

मारुति 800 की चोरी से उतरा धंधे में
पुलिस अफसरों ने बताया कि मारूति 800 कार से अनिल ने चोरी के धंधे का आगाज किया। इसके बाद यह देखते ही देखते बीएमडब्ल्यू तक में हाथ साफ करने लगा। दिल्ली-एनसीआर से गाड़ियां चोरी कर नेपाल, नॉर्थ ईस्ट के राज्यों और जम्मू-कश्मीर में ठिकाने लगाता था। यह अब तक 5000 से ज्यादा गाड़ियां चोरी कर चुका है। इस पर देश के 9 राज्यों में 180 मुकदमे दर्ज हैं। इसलिए इसे देश का सबसे बड़ा कार चोर करार दिया गया। पेशेवर तरीके से कार चोरी कर उन्हें ठिकाने लगाने वाला यह दिल्ली का पहला शातिर बदमाश है। इसे सभी कार चोर अपना गुरु मानते हैं। इसने खुद का गैंग भी बना लिया।

देशबंधु गुप्ता रोड इलाके से दबोचा
डीसीपी (सेंट्रल) श्वेता चौहान ने बताया कि 23 अगस्त को स्पेशल स्टाफ के इंस्पेक्टर संदीप गोदारा की अगुआई में बनी एसआई मुकेश तोमर, एएसआई योगेंद्र, आदेश, कंवरपाल, सुरेंद्र, एचसी दिलशाद, संदीप, पंकज, अमित की टीम ने अनिल को गिरफ्तार किया। इससे 14 दिन की रिमांड पर लेकर पूछताछ की गई और असम भी ले जाया गया। पुलिस पूछताछ में इससे मिली जानकारी को वेरीफाई कर रही है। फिलहाल यह दावा कर रहा है कि 2015 में ईडी की कार्रवाई के बाद इसका सब कुछ खत्म हो चुका है।

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