Queen Elizabeth II: महारानी को श्रद्धांजलि देने के इच्छुक लोगों के लिए नए नियम जारी, यहां पढ़ें

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लंदन। लंदन में संसद के सदन में रखे गए महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के पार्थिव शरीर के दर्शन करने और उन्हें श्रद्धांजलि देने के इच्छुक लोगों के लिए सरकार ने नियम जारी किए हैं। महारानी का पर्थिव शरीर पूरे राजकीय सम्मान के साथ बुधवार सुबह साढ़े छह बजे (अंतरराष्ट्रीय समयानुसार सुबह साढ़े पांच बजे) से 19 …

लंदन। लंदन में संसद के सदन में रखे गए महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के पार्थिव शरीर के दर्शन करने और उन्हें श्रद्धांजलि देने के इच्छुक लोगों के लिए सरकार ने नियम जारी किए हैं। महारानी का पर्थिव शरीर पूरे राजकीय सम्मान के साथ बुधवार सुबह साढ़े छह बजे (अंतरराष्ट्रीय समयानुसार सुबह साढ़े पांच बजे) से 19 सितंबर को शाम पांच बजे (स्थानीय समयानुसार शाम चार बजे) तक वेस्टमिंस्टर पैलेस में रखा जाएगा। इस दौरान हजारों लोगों के उन्हें श्रद्धांजलि देने की उम्मीद है।

लोगों को रात भर करना पड़ सकता है इंतजार
रविवार को जब महारानी के ताबूत को बाल्मोरल कैसल से एडिनबर्ग ले जाया जा रहा था तब उनकी अंतिम यात्रा के साक्षी बनने के लिए हजारों की संख्या में लोग सड़कों और पुलों पर एकत्रित हो गए थे, जिसके बाद नए नियमों को सार्वजनिक किया गया। कहा गया है कि डिजिटल, सांस्कृतिक, मीडिया एवं खेल मामलों के विभाग ने अपने दिशानिर्देश में कहा, ‘‘अगर महारानी के अंतिम दर्शन करना चाहते हैं, तो कृपया ध्यान दें कि इसके लिए कतार लगेगी, कतार काफी लंबी होने की उम्मीद है। संभवतः रात भर आपको कई घंटों तक खड़े रहने पड़ सकता है ।’’

अंतिम दर्शन के लिए नियम लागू
मंत्रालय ने चेतावनी दी, ‘‘भीड़ अधिक रहने की उम्मीद है और सार्वजनिक परिवहन एवं क्षेत्र के आसपास सड़क बंद होने से देरी होने की संभावना है।’’ आगंतुकों को हवाईअड्डे जैसी सुरक्षा जांच से गुजरना होगा और वे अपने साथ सिर्फ एक छोटा बैग ला सकते हैं। विशेष केन्द्र में बड़े बैग रखे जा सकते हैं, लेकिन यह केवल तभी संभव होगा जब वहां जगह उपलब्ध होगी।

शनिवार को महारानी के विंडसर, बाल्मोरल और लंदन स्थित आवासों पर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित करने के लिए हजारों लोगों की भीड़ जुटी थी। ब्रिटेन में सभी महलों और सरकारी भवनों के ऊपर लगे झंडों को नए महाराज चार्ल्स तृतीय की ताजपोशी की उद्घोषणा के मद्देनजर फहराया गया था और रविवार को राजकीय शोक के लिए इन्हें वापस आधा झुका दिया जाएगा।

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