मुरादाबाद : एक माह बाद भी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा नकली नोटों का तस्कर, बढ़ेगी इनाम राशि
मुरादाबाद,अमृत विचार। भारतीय मुद्रा की कमर तोड़ने व अर्थव्यवस्था चौपट करने की मंशा रखने वाली दुश्मन देशों की विदेशी एजेंसियों से जुड़े होने की संभावना जिस तस्कर पर है, उसका सुराग मुरादाबाद पुलिस एक माह बाद भी नहीं लगा पाई। नकली नोटों के फरार सरगना की गिरफ्तारी में पुलिस की विफलता न सिर्फ खाकी की …
मुरादाबाद,अमृत विचार। भारतीय मुद्रा की कमर तोड़ने व अर्थव्यवस्था चौपट करने की मंशा रखने वाली दुश्मन देशों की विदेशी एजेंसियों से जुड़े होने की संभावना जिस तस्कर पर है, उसका सुराग मुरादाबाद पुलिस एक माह बाद भी नहीं लगा पाई। नकली नोटों के फरार सरगना की गिरफ्तारी में पुलिस की विफलता न सिर्फ खाकी की सक्रियता की पोल खोलती है, बल्कि गंभीर मामलों में भी पुलिस की उदासीनता की तस्वीर बयां कर रही है।
छह अगस्त को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हेमंत कुटियाल ने मुरादाबाद समेत मंडल के विभिन्न जिलों में नकली नोटों का कारोबार करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया। बताया कि मझोला थाना प्रभारी धनंजय सिंह व जयंतीपुर चौकी इंचार्ज राशिद खां ने तीन लोगों के कब्जे से एक लाख रुपये की जाली करेंसी बरामद की है। पांच-पांच सौ की पचास हजार करेंसी नौशाद खान निवासी चकमेन मार्केट थाना स्वार रामपुर के कब्जे से मिली। जबकि दो सौ के 150 नोट रहीस अहमद निवासी खलील वाली मस्जिद के पास थाना कटघर से बरामद हुई।
तीसरे अभियुक्त मोहम्मद हसीब निवासी ग्राम कमालपुर कुंदरकी के कब्जे से 100-100 के दो सौ जाली नोट मिले। पुलिस ने तब दावा किया कि गिरोह का सरगना नफीस भी कुंदरकी के कमालपुर गांव का रहने वाला है और वह मोहम्मद हसीब का बड़ा भाई है। नफीस को गिरोह का मुख्य सरगना बताते हुए पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम रखा।
पुलिस की राह में पड़ गया रोड़ा
मझोला पुलिस ने जिस नेटवर्क का इस्तेमाल करते हुए नकली नोटों के कारोबारी के गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया, वह कुछ ही दिन बाद ध्वस्त हो गया। यही वजह रही कि कुंदरकी में पैथोलॉजी की आड़ में नकली नोटों का कारोबार करने वाला नफीस दबोचा नहीं जा सका। पुलिस की सुस्ती व धीमी चाल का लाभ उठाकर वह काफी दूर निकल चुका है। सूत्र बताते हैं कि नफीस ने पड़ोसी देश नेपाल को ठिकाना बना लिया है। यही वजह है कि नफीस की गिरफ्तारी में मझोला पुलिस विफल है। पुलिस की विफलता के कारण उच्चाधिकारियों के चेहरे की शिकन बढ़ने लगी है।
50 हजार होगी इनाम राशि
फरार नफीस की गिरफ्तारी के बाबत सीओ सिविल लाइंस अनूप कुमार ने बताया कि अभियुक्त की गिरफ्तारी की कार्ययोजना नए सिरे से तैयार हो रही है। हालांकि पूर्व से ही पुलिस टीमें नकली नोटों के सरगना की गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी हैं। उच्चाधिकारियों से ईनाम राशि बढ़ाने की संस्तुति की जाएगी।
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