Sri Lanka: देश में बढ़ती गरीबी और खाद्यान्नों की ऊंची कीमतों के कारण भोजन छोड़ रहे श्रीलंकाई, कुपोषण ने बढ़ाई चिंता

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कोलंबो। श्रीलंका मेडिकल न्यूट्रिशन एसोसिएशन, न्यूट्रिशन सोसाइटी ऑफ श्रीलंका, डाइटिशियन एसोसिएशन एंड स्केलिंग अप न्यूट्रिशन पीपुल्स फोरम ने कहा है कि देश में बढ़ती गरीबी और खाद्यान्नों की ऊंची कीमतों के कारण कुपोषण बढ़ेगा। द आइसलैंड समाचारपत्र ने अपनी रिपोर्ट में मंगलवार को यह जानकारी दी। समाचार पत्र ने बताया कि उन्होंने श्रीलंका के अधिकारियों …

कोलंबो। श्रीलंका मेडिकल न्यूट्रिशन एसोसिएशन, न्यूट्रिशन सोसाइटी ऑफ श्रीलंका, डाइटिशियन एसोसिएशन एंड स्केलिंग अप न्यूट्रिशन पीपुल्स फोरम ने कहा है कि देश में बढ़ती गरीबी और खाद्यान्नों की ऊंची कीमतों के कारण कुपोषण बढ़ेगा। द आइसलैंड समाचारपत्र ने अपनी रिपोर्ट में मंगलवार को यह जानकारी दी।

समाचार पत्र ने बताया कि उन्होंने श्रीलंका के अधिकारियों से देश के कमजोर लोगों, विशेष रूप से पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए प्राप्त की गई पोषण की स्थिति को बरकरार रखने का आग्रह किया है। एसोसिएशन ने कहा कि पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों को जनसंख्या की पोषण स्थिति का अवलोकन एक समूह के रूप में देखा जाता है। इस उम्र के बच्चों में आहार में किसी प्रकार के बदलाव बहुत जल्द उनमें परिलक्षित होने लगते हैं।

उन्होंने कहा कि मौजूदा आर्थिक संकट के कारण बढ़ती गरीबी और खाद्य पदार्थों की ऊंची कीमतों से श्रीलंका में कुपोषण बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि श्रीलंका में गरीबी का स्तर पिछले 6.7 प्रतिशत की तुलना में बढ़कर 14 प्रतिशत हो गया है। उन्होंने कहा कि 49 लाख परिवारों में से सात लाख परिवार ‘पोषण संबंधी जोखिम’ से जूझ रहे हैं। इन समूहों ने कहा कि इन परिवारों के लिए सरकारी और गैर-सरकारी स्तर पर हस्तक्षेप करने के लिए एक व्यवस्थित कार्यक्रम होना चाहिए।

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