मुरादाबाद : बेमौसम सब्जियां किसानों को कर देंगी मालामाल, यहां जानें सबकुछ

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मुरादाबाद,अमृत विचार। अब न तो गन्ना भुगतान का झंझट और मौसम की चिंता। पॉली हाउस लगाकर किसान बेमौसम मनचाही सब्जियां उगा सकते हैं, विभिन्न प्रकार के फूलों की खेती भी कर सकते हैं। यानी कि छोटा पॉली ग्रीन हाउस किसानों को पूरी तरह आत्मनिर्भर बना सकता है। किसानों को सरकार की ओर से पॉली हाउस …

मुरादाबाद,अमृत विचार। अब न तो गन्ना भुगतान का झंझट और मौसम की चिंता। पॉली हाउस लगाकर किसान बेमौसम मनचाही सब्जियां उगा सकते हैं, विभिन्न प्रकार के फूलों की खेती भी कर सकते हैं। यानी कि छोटा पॉली ग्रीन हाउस किसानों को पूरी तरह आत्मनिर्भर बना सकता है। किसानों को सरकार की ओर से पॉली हाउस लगाने पर 50 प्रतिशत अनुदान भी मिल रहा है।

सरकार का भी एकीकृत विकास योजना के अंतर्गत तकनीकी आधारित खेती पर जोर है। किसान भी पॉली हाउस लगाकर किसी भी मौसम में फल और सब्जियां उगा सकते हैं। यही नहीं सरकार की ओर से पॉली हाउस पर 50 फीसदी अनुदान भी दिया जा रहा है। जिला उद्यान अधिकारी गया प्रसाद ने बताया कि एकीकृत बागवानी योजना में किसानों को पाली हाउस लगाने पर 50 फीसदी अनुदान दिया जाएगा।

फेन एण्ड सिस्टम (1008 वर्ग मीटर) में एक वर्ग मीटर में 1420 रुपये की लागत आती है, जिसमें किसानों को 720 रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से अनुदान दिया जा रहा है। ऐसे ही नेचुरल बैटीलेडिट सिस्टम (1008 वर्ग मीटर) पर 445 रुपये, नेट हाउस 335, पाली हाउस (सब्जी उत्पादन) पर 50 फीसदी अनुदान के साथ 70 रुपये और पाली हाउस ( फूल उत्पादन जरबेरा ) 305 रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से किसानों को अनुदान दिया जा रहा है। नेट हाउस ( फूल उत्पादन गुलाब) पर 213 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से अनुदान मिलेगा।

वहीं, मशरूम स्पाम यूनिट पर एक यूनिट पर 20 लाख रुपये की लागत आती है, जिसमें 40 फीसदी अनुदान के साथ 8 लाख रुपये मिलेंगे। ऐसे ही मशरूम कम्पोस्ट यूनिट पर 25 लाख रुपये की लागत आ रही है। सरकार की ओर से इस पर 40 फीसदी अनुदान दिया जा रहा है। यानी की मशरूम कम्पोस्ट यूनिट लगाने पर किसान को 10 लाख रुपये अनुदान मिल रहा है। योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को उद्यान विभाग की वेबसाइट http://dbt.uporticulure.in ऑनलाइन पंजीकरण करना होगा। जिसके लिए आधार कार्ड, बैंक की पासबुक, दो फोटो, खसरा-खतौनी, हिस्सा प्रमाणपत्र कार्यालय में जमा करने होंगे।

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