इफको का शहरी बागवानी क्षेत्र में कदम
नई दिल्ली। इंडियन फार्मर्स फर्टिलाइजर कोऑपरेटिव (इफको) की सहयोगी एक्वा जीटी ने अपने ‘अरबन गार्डेनिंग प्रोडक्ट रेंज’ के साथ शहरी बागवानी के क्षेत्र में कदम रखा है। इससे शहरी बागवानी से जुड़े लोगों की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी। दुनिया की सबसे बड़ी सहकारी संस्था इफको की सहयोगी एक्वा जीटी ने ‘इफको …
नई दिल्ली। इंडियन फार्मर्स फर्टिलाइजर कोऑपरेटिव (इफको) की सहयोगी एक्वा जीटी ने अपने ‘अरबन गार्डेनिंग प्रोडक्ट रेंज’ के साथ शहरी बागवानी के क्षेत्र में कदम रखा है। इससे शहरी बागवानी से जुड़े लोगों की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी।
दुनिया की सबसे बड़ी सहकारी संस्था इफको की सहयोगी एक्वा जीटी ने ‘इफको अर्बन गार्डन’ ब्रांड नाम के तहत शहरी लोगों के लिए शहरी बाग़वानी संबंधी उत्पादों की एक विशेष शृंखला लेकर आयी है जो उपयोगी, असरदार और इस्तेमाल में आसान है। इन उत्पादों को तमिलनाडु के मनमदुरई स्थित उन्नत अनुसंधान एवं विकास सुविधा वाले एक्वाग्री प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड द्वारा विकसित किया गया है।
एक्वाग्री प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड इफको की सहयोगी है। यह डीएसआईआर द्वारा मान्यता प्राप्त है और भारतीय विज्ञान प्रणाली के साथ मिलकर काम करती है। इन शहरी उत्पादों का उत्पादन और विपणन इसकी सहायक कंपनी एक्वाग्री ग्रीनटेक प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से किया जाता है। ये उत्पाद शहरी बागवानी करने वालों के लिए प्रभावी समाधान प्रदान करते हैं जो अपने पौधों की अच्छे से देखभाल करते हैं।
प्रारंभिक तौर पर इनमें सात पर्यावरण हितैषी उत्पाद शामिल हैं। जल्द ही अन्य उत्पादों को भी जोड़ा जाएगा। ये पोषक समृद्ध उत्पाद हैं – समुद्री शैवाल फोर्टिफाइड वर्मीकम्पोस्ट, प्रोटेक्ट+ – नीम और बायो-पेस्टिसाइड आधारित प्लांट प्रोटेक्शन, मैजिक सॉयल – बहूद्देशीय पोटिंग मिट्टी, सीक्रेट – ग्रोथ एंड प्लांट स्ट्रेस टॉलरर एनहैंसर, ग्रीन डाइट – इंस्टेंट प्लांट फूड, लाइफ प्रो – कट फ्लॉवर लाइफ एक्सटेंडर, बोकाशी – किचन वेस्ट डिकम्पोजर आदि।
इफको के प्रबंध निदेशक डॉ. उदय शंकर अवस्थी ने इस प्रगति पर कहा,“52 वर्षों से अधिक समय से भारतीय किसानों की जरूरतों को पूरा करने के बाद, अब हमारी एक सहयोगी एक्वा जीटी शहरी ग्राहकों के साथ उनकी जरूरतों को पूरा करते हुए उनसे जुड़ रही है। इससे शहरी क्षेत्रों में इफको के गो ग्रीन ड्राइव को बढ़ावा मिलेगा।
बागवानी के प्रति शहरी आबादी में रुचि बढ़ रही है। बगीचों के लिए रेडीमेड मिट्टी के पोषक तत्वों के संदर्भ में लोग विश्वसनीय और मानकीकृत समाधान की तलाश में हैं।” यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि भारत में बागवानी उत्पादों का बाजार आकार लगभग 10,000 करोड़ रुपये का है, जिसका 50 प्रतिशत हिस्सा पौधों का है।
