ईरान में भड़की ‘एंटी-हिजाब क्रांति’, महसा की मौत के बाद सड़कों पर उतरी महिलाएं
तेहरान। ईरान में ठीक से हिजाब न पहनने पर हिरासत में ली गई एक 22-वर्षीय युवती महसा अमिनी की एक अस्पताल में मौत हो गई थी। जिसके बाद से ही राजधानी तेहरान में पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं। ईरान की राजधानी तेहरान समेत कई इलाकों में सैकड़ों महिलाएं प्रदर्शन कर रही हैं। प्रदर्शनों …
तेहरान। ईरान में ठीक से हिजाब न पहनने पर हिरासत में ली गई एक 22-वर्षीय युवती महसा अमिनी की एक अस्पताल में मौत हो गई थी। जिसके बाद से ही राजधानी तेहरान में पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं।
ईरान की राजधानी तेहरान समेत कई इलाकों में सैकड़ों महिलाएं प्रदर्शन कर रही हैं। प्रदर्शनों के बीच सरकार ने नैतिक पुलिस प्रमुख को निलंबित कर दिया है। उधर, अमेरिका ने कहा है कि वह महसा अमिनी की मौत पर जवाब चाहता है।
Women in Iran have been protesting for 4 days now over the arrest of Mahsa Amini over mandatory hijab and her death in the custody of “morality” police.
video shows men defending a woman removing her headscarf in protest.#MashaAmini #مهسا_امینی pic.twitter.com/G4zibEKdpU
— Fazila Baloch?☀️ (@IFazilaBaloch) September 20, 2022
ईरान में पुलिस हिरासत में महसा अमिनी की मौत के बाद ईरानी महिलाओं का विरोध जारी है। देश के कई हिस्सों में महिलाएं इसका विरोध कर रही हैं। राजधानी तेहरान में कई बार स्थिति सुरक्षा बलों के नियंत्रण से बाहर हो गई, जिसके चलते आंसू गैस के गोले दागे गए और फायरिंग भी की गई। रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदर्शनों के बीच ईरान मोरल पुलिस के प्रमुख को तीसरे दिन पद से हटा दिया गया है।
Protest continues across Iran after the death of Masha Amini by Police.
Iranian men and women protest in the city of Sanandaj.
Protesters chant: Death to the Dictator!
Sanandaj residents have been commemorating Masha Amini since Friday.#MahsaAmini pic.twitter.com/DBmiDcBWVX
— Fazila Baloch?☀️ (@IFazilaBaloch) September 18, 2022
ईरानी लड़की मेहसा को पुलिस ने ठीक से हिजाब नहीं पहनने के आरोप में हिरासत में लिया था। पुलिस हिरासत में उसकी मौत हो गई, जिसके बाद लोगों का गुस्सा उबल पड़ा और तेहरान से लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों में लोगों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया। खबर के मुताबिक इन प्रदर्शनों में अब तक दो लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि बड़ी संख्या में लोग घायल भी बताए जा रहे हैं।
पुलिस ने मारपीट के आरोपों का किया खंडन
महसा अमिनी की मौत के बाद ईरान की राजधानी तेहरान में पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं। इधर, पुलिस का कहना है कि पुलिस ने महसा के साथ कोई मारपीट नहीं की। 13 सितंबर को कई लड़कियों को गिरफ्तार किया गया था। उनमें से एक अमिनी थी। उसे जैसे ही पुलिस स्टेशन ले जाया गया वो बेहोश हो गई। ईरान में राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी ने गृह मंत्री को इस मामले की जांच के आदेश दिए हैं। वहीं, अमेरिकी राजदूत रॉबर्ट मैले ने महसा की मौत की जांच की मांग की है और कहा है कि इस तरह के अत्याचारों को रोकना चाहिए तथा दोषी अधिकारियों के खिलाफ एक्शन लिया जाना चाहिए।
महसा अमीनी के मौत मामले में अमेरिका ने जताई नाराजगी
ईरान में महसा अमीनी के मौत मामले में अमेरिका ने ना सिर्फ नाराजगी जताई है बल्कि यह भी कहा है कि जो लोग उनकी मौत के लिए जिम्मेदार हैं उनकी जिम्मेदारी तय की जाए। बता दें कि अमीनी की गिरफ्तारी सही तरह से हिजाब ना पहनने की वजह से हुई थी। उनके परिवार का आरोप है कि पुलिस हिरासत में पिटाई की वजह से मौत हो गई। अमेरिका का कहना है कि जिस तरह से पुलिस कस्टडी में पिटाई और उसके बाद मौत की खबर सामने आई है वो दुखदायी होने के साथ साथ मानवाधिकारों का उल्लंघन है।
अमेरिका ने कहा कि ईरान में महिलाओं को अपनी इच्छानुसार पहनने का अधिकार होना चाहिए, हिंसा या उत्पीड़न से मुक्त। ईरान को अपनी मौलिक स्वतंत्रता का प्रयोग करने के लिए महिलाओं के खिलाफ हिंसा के अपने उपयोग को समाप्त करना चाहिए। महसा की मौत के लिए जवाबदेही होनी चाहिए।
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