मुरादाबाद : नवजात की मौत पर थाने के बाहर हंगामा, हत्या का आरोप
मुरादाबाद, अमृत विचार। शहर में मंगलवार को संवेदनहीनता सड़क व थाना परिसर में घंटों नंगा नाची। नवजात की मौत पर आंसू बहाने की बजाय मृतक के मां-बाप व उनके परिजन एक-दूसरे पर आरोप लगाते रहे। मां पर अपने ही बेटे की हत्या के आरोपों के बीच पुलिस को महज 20 दिन के शिशु के शव …
मुरादाबाद, अमृत विचार। शहर में मंगलवार को संवेदनहीनता सड़क व थाना परिसर में घंटों नंगा नाची। नवजात की मौत पर आंसू बहाने की बजाय मृतक के मां-बाप व उनके परिजन एक-दूसरे पर आरोप लगाते रहे। मां पर अपने ही बेटे की हत्या के आरोपों के बीच पुलिस को महज 20 दिन के शिशु के शव का पोस्टमार्टम कराना पड़ा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट फौरी तौर पर आरोपों के पक्ष में नहीं हुई। पूरी घटना ने एक बार फिर खून व कथित अपनों की भूमिका पर न सिर्फ सवाल खड़ा किया, बल्कि मानवता व संवदेनशीलता भी कटघरे में खड़ी हो गई।
सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के चक्कर की मिलक में रहने वाली रिंकी की शादी डेढ़ वर्ष पहले बलदेवपुरी कटघर के रहने वाले अजय के साथ हुई थी। एक माह पहले रिंकी मां बनी। 15 सितंबर को दंपती के बीच किसी बात पर विवाद इस कदर बढ़ा कि रिंकी अपने बेटे के साथ मायके लौट आई। मंगलवार को उसके पुत्र की तबीयत अचानक खराब हो गई। रिंकी ने यह सूचना तत्काल ससुरालियों को दिया। ससुरालियों की सलाह पर रिंकी के मायके वाले बच्चे को लेकर साईं अस्पताल पहुंचे। जहां चिकित्सकों ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया।
बच्चे की मौत के बाद पिता अजय व उसके परिजन बदहवास हो गए। वह शव लेकर सीधे पीतलनगरी पुलिस चौकी पहुंचे। वहां अजय ने पत्नी व ससुरालियों पर जानबूझ कर बच्चे को मार डालने का आरोप लगाया। तब पुलिस ने प्रकरण सिविल लाइंस थाने के पाले में डाल दिया। बच्चा गोद में लेकर अजय सिविल लाइंस थाने पहुंच गया। वहां रिंकी के परिजन भी पहले से मौजूद थे। महिला थाने से लेकर सिविल लाइंस तक दोनों पक्ष एक दूसरे पर तीखे आरोप लगाने लगे। गाली-गलौज के बाद नौबत हाथापाई तक आ गई। महिला थाना गेट पर हंगामा व विवाद होने की सूचना के बाद पुलिस हरकत में आ गई।
आरोप है कि अजय और उसकी बहनों ने रिंकी की बुआ की पिटाई की। जबकि रिंकी के मायके वालों ने उसकी ननद की पिटाई की। सीओ सिविल लाइंस डॉ.अनूप सिंह ने पूरा प्रकरण चौकी प्रभारी कैंप के सुपुर्द कर दिया। दोनों पक्ष सिविल लाइंस थाने पहुंचे। विवाद बढ़ता देख व गंभीर आरोपों के मद्देनजर एसएचओ सिविल लाइंस गजेंद्र सिंह ने शव कब्जे में ले लिया। पंचनामा की कार्रवाई पूरी करने के बाद शव का पोस्टमार्टम कराया गया। चिकित्सकों के मुताबिक नवजात की हत्या होने की पुष्टि नहीं हो पाई। जांच के लिए बिसरा सुरक्षित रख लिया गया। फिलहाल प्रकरण में कोई तहरीर पुलिस को नहीं मिली है।
ये भी पढ़ें:- मुरादाबाद : नशीली चाय पिलाकर युवक ने महिला से किया दुष्कर्म, मुकदमा दर्ज
