बरेली: सुकून की नींद को तरस रहे युवा, अल्जाइमर के साथ चपेट में ले रहा MCI

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

बरेली, अमृत विचार। दिमाग से जुड़ी बीमारी अल्जाइमर मस्तिष्क की तंत्रिका को प्रभावित करती है। आमतौर पर उम्रदराज लोग इस बीमारी से पीड़ित पाए जाते हैं, लेकिन कोविड की दस्तक के बाद से एमसीआई (माइल्ड कॉग्निटिव इम्पेयरमेंट) के मामले सबसे अधिक सामने आए हैं। एमसीआई युवा वर्ग को अपनी चपेट में ले रहा है। यह …

बरेली, अमृत विचार। दिमाग से जुड़ी बीमारी अल्जाइमर मस्तिष्क की तंत्रिका को प्रभावित करती है। आमतौर पर उम्रदराज लोग इस बीमारी से पीड़ित पाए जाते हैं, लेकिन कोविड की दस्तक के बाद से एमसीआई (माइल्ड कॉग्निटिव इम्पेयरमेंट) के मामले सबसे अधिक सामने आए हैं। एमसीआई युवा वर्ग को अपनी चपेट में ले रहा है। यह अल्जाइमर की शुरुआती स्टेज है।

जिला अस्पताल के मन कक्ष में हर माह अल्जाइमर से ग्रसित 20 से 25 तो 100 से अधिक मरीजों में एमसीआई के लक्षण देखने को मिल रहे हैं। हर साल 21 सितंबर को विश्व अल्जाइमर दिवस मनाया जाता है, ताकि लोगों में इस बीमारी के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा सके। स्वास्थ्य विभाग की ओर से शहर में 25 सितंबर तक वृद्धा आश्रम, आश्रय स्थलों में सर्वे कर मरीजों को चिह्नित कर इलाज मुहैया कराया जाएगा।

क्या होता है अल्जाइमर
जिला अस्पताल के मन कक्ष प्रभारी डा. आशीष के अनुसार इस वर्ष अल्जाइमर के साथ एमसीआई के मरीजों की संख्या काफी बढ़ी है। समय पर मनोचिकित्सक की सलाह और इलाज से इससे बचा जा सकता है। इस बीमारी से पीड़ित व्यक्ति का दिमाग सही तरीके से काम नहीं कर पाता और उसकी याददाश्त बहुत कमजोर हो जाती है। इसकी वजह से उनकी दैनिक जिंदगी प्रभावित होती है। अल्जाइमर एक ऐसी बीमारी है, जिसका इलाज नहीं है। हालांकि, इससे होने वाले लक्षणों को दवाइयों की मदद से नियंत्रित किया जा सकता है।

अल्जाइमर के लक्षण
बीमारी के शुरुआती लक्षणों में नई जानकारी को याद रखने में परेशानी होना। जैसे-जैसे अल्जाइमर मस्तिष्क के माध्यम से आगे बढ़ता है, यह भटकाव, मनोदशा और व्यवहार में बदलाव सहित गंभीर लक्षण पैदा कर देता है। इसके अलावा, घटनाओं समय और स्थान के बारे में कंफ्यूज रहना, परिवार, दोस्तों और पेशेवर देखभाल करने वालों पर शक करना, याददाश्त काफी कमजोर हो जाना, व्यवहार में परिवर्तन और बोलने निगलने और चलने में कठिनाई जैसे लक्षण भी धीरे-धीरे सामने आते हैं, जो लोग इस बीमारी से पीड़ित होते हैं, उन्हें नींद से जुड़ी दिक्कतें भी होने लगती हैं। इन लोगों के लिए सोना और बिस्तर पर लेटे रहना तक मुश्किल हो जाता है। साथ ही रात में भी कई बार नींद टूटती है।

इन बातों का रखें ख्याल

  • अल्जाइमर से पीड़ित व्यक्ति को रोज व्यायाम करना चाहिए। साथ ही दिनभर में थोड़ी-थोड़ी देर के लिए सोना चाहिए। देखभाल करने वाले को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि मरीज को रातभर अच्छी नींद आए। अगर दिनभर की थकान के बाद सही तरीके से नींद न आए तो दूसरा दिन भी खराब हो जाता है
  • ऐसी एक्टिविटीज प्लान करें, जिसमें सुबह के समय ज्यादा ऊर्जा का इस्तेमाल हो सके। उदाहरण के तौर पर सुबह टहलने जाएं, परिवार के साथ बैठकर खाना खाएं
  • मरीज का रात में सोने का समय तय करें। कैफीन का सेवन भी कम रखें, खासतौर पर शाम के वक्त।
  • सोने वाले कमरे, हॉल और बाथरूम में हल्की लाइट या नाइटलाइट्स का उपयोग ही करें।

ये भी पढ़ें- बरेली सिटी से मथुरापुर तक जायरीन के लिए मिलेगी निशुल्क बस सेवा की सुविधा

संबंधित समाचार