केमिकल फैक्ट्री अग्निकांड : पीड़ित परिवार ने उठाई फैक्ट्री मालिक की गिरफ्तारी की मांग
अमृत विचार, लखनऊ । राजधानी के पारा थानाक्षेत्र अन्तर्गत केमिकल फैक्ट्री में मंगलवार को भयावह आग लग गई थी। इस दुर्घटना में एक मजूदर की मौत हो गई थी। बुधवार को मजदूर की पत्नी ने फैक्ट्री मालिक की गिरफ्तारी के साथ मुआवजे की मांग करते हुए शव लेने से इंकार कर दिया। मजूदर के पारिवारिक …
अमृत विचार, लखनऊ । राजधानी के पारा थानाक्षेत्र अन्तर्गत केमिकल फैक्ट्री में मंगलवार को भयावह आग लग गई थी। इस दुर्घटना में एक मजूदर की मौत हो गई थी। बुधवार को मजदूर की पत्नी ने फैक्ट्री मालिक की गिरफ्तारी के साथ मुआवजे की मांग करते हुए शव लेने से इंकार कर दिया। मजूदर के पारिवारिक सदस्य हंगामा करने लगे। जब मामला तुल पकड़ने लगा तो पुलिस बल के साथ पीएसी कंपनी के जवानों को बुलवाया गया। वहीं जिला प्रशासन ने उचित कार्रवाई करने का हवाला देते हुए परिजनों को शांत कराया।
गौरतलब है कि पारा थानाक्षेत्र के सलेमपुर पतौरा निवासी पंकज दीक्षित के घर में केमिकल फैक्ट्री संचालित थी। मंगलवार की देर शाम फैक्ट्री में आग लगने से मजदूर सुशील की मौत हो गई। बुधवार को मृतक का पोस्टमार्टम कराया गया। इस दौरान मृतक की पत्नी ने अर्चना ने शव लेने से इंकार कर दिया। जिसके बाद आक्रोशित परिजनों ने फैक्ट्री मालिक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर नारेबाजी शुरू कर दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए मौके पर पहुंची स्थानीय पुलिस ने पीएसी कंपनी के जवानों को बुलावा लिया। हंगामे की जानकारी होने पर एसडीएम भी पीएम हाउस के बाहर पहुंचे और परिजनों को शांत कराया।
इस पर प्रशासनिक अमले ने पीड़ित परिवार को डूडा के तहत सरकारी आवास और मुआवजे के तौर पर पांच लाख की सहायता राशि देने का आश्वसन किया। मृतक के परिजनों ने बताया कि सुशील परिवार का भरण-पोषण करने के लिए दिन में एक सैलून में काम करता था और शाम छह से रात 11 बजे तक फैक्ट्री में पार्ट-टाइम मजदूरी भी करता था।
इस घटना के सम्बन्ध में प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि फैक्ट्री में अवैध रूप से तारपीन का तेल बन रहा था। जिसके चलते आग ने भयावह रुप ले लिया था। आग लगने की सूचना पर फायर ब्रिगेड की गाड़ियों के साथ डीएम सूर्यपाल गंगवार समेत एसडीएम सिद्धार्थ सिंह, एसीपी अनिघ विक्रम सिंह ने घटनास्थल का मुआयना किया और पीड़ित परिवार संभव मदद करने की बात कही थी।
स्थानीय लोगों की मानें तो आग लगने के बाद घर से तेज धमाकों की आवाज से पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरा मच गई थी। इन धामकों के साथ लपटे और तेज हो गईं। इस घटना के बाद से पंकज अपने परिवार के साथ फरार हो गया है। वह अपने घर में ही अवैध फैक्ट्री संचालित करता था।
यह भी पढ़ें:- लखनऊ: तारपीन तेल की फैक्ट्री में लगी भीषण आग, एक मजदूर की मौत
