छह अक्टूबर को कानपुर आएंगे मोहन भागवत, घोष शिविर में लेंगे हिस्सा
अमृत विचार, कानपुर। आरएसएस के सरसंघ चालक मोहन भागवत 6 अक्टूबर को चार दिन के लिए कानपुर आएंगे। पंडित दीनदलाय उपाध्याय सनातन धर्म विद्यालय आजाद नगर में 6 से लेकर 10 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले घोष शिविर में वह भाग लेंगे। यहां पर स्वयंसेवकों के साथ छोटी-छोटी बैठकों में देश के प्रति उनका दृष्टिकोण …
अमृत विचार, कानपुर। आरएसएस के सरसंघ चालक मोहन भागवत 6 अक्टूबर को चार दिन के लिए कानपुर आएंगे। पंडित दीनदलाय उपाध्याय सनातन धर्म विद्यालय आजाद नगर में 6 से लेकर 10 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले घोष शिविर में वह भाग लेंगे। यहां पर स्वयंसेवकों के साथ छोटी-छोटी बैठकों में देश के प्रति उनका दृष्टिकोण जानेंगे। निकाय चुनाव और 2024 के लोकसभा चुनाव के लिहाज से मोहन भागवत का कानपुर प्रवास महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विश्व संवाद केंद्र ने उनके कार्यक्रम की जानकारी दी।
बताते हैं कि घोष शिविर का आयोजन प्रत्येक प्रांत में दस वर्ष बाद होता है। संघ की शाखा में शारीरिक कार्यक्रमों का विशेष महत्व होता है। शारीरिक विभाग से ही घोष शिविर की अवधारणा बाहर निकली है। साल के अंत में होने वाले निकाय चुनाव के नजरिये से भी घोष शिविर का आयोजन और सरसंघ चालक की उपस्थिति देखी जा रही है।
आरएसएस के पदाधिकारी बताते हैं कि घोष विभाग को तराशने का काम सुब्बू श्रीवास ने किया। बताते हैं कि 1932 में पुणे में एक घोष शाखा लगती थी। घोष में रुचि के कारण सुब्बू श्रीवास ने वहां प्रशिक्षण लिया। और घोष प्रमुख बनाए गए। संघ की घोष रचनाएं सेना से ली गयी थी जो कि अंग्रेजी ढंग से बजायी जाती थी।
उन्होंने इनके शब्द स्वर तथा लिपि का भारतीयकरण किया। विषय के विशेषज्ञों से भी मिले। नतीजतन कुछ सालों में ही घोष बदल गया। सुब्बू श्रीवास ने नयी रचनाएं बनाकर नंदन नामक पुस्तक में छपवाया। इसके बाद तो घोष विभाग ने टेप, चिप के माध्यम से रचनाओं को लोकप्रियता तक पहुंचाया।
यह भी पढ़ें:-इमाम उमर अहमद इलियासी ने मोहन भागवत को कहा ‘राष्ट्रपिता’, RSS चीफ ने मस्जिद पहुंचकर इमाम से की मुलाकात
