कानपुर ‘आईआईएस’ करेगा मोदी के सपनों को साकार, उन्नत कौशल व तकनीक से जोड़ने वाला संस्थान लगभग तैयार
अभिषेक वर्मा, कानपुर। गोविंदनगर एनएसटीआई कैम्पस में देश के पहले इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ स्किल (आईआईएस) का संचालन जल्द शुरू होगा। हालांकि पहले इस इंस्टीट्यूट का सपना टूट गया था। दरअसल, भवन का निर्माण शुरू होने के कुछ माह बाद ही यह कह दिया गया था कि यहां आईआईएस का संचालन नहीं होगा बल्कि भवन बनकर …
अभिषेक वर्मा, कानपुर। गोविंदनगर एनएसटीआई कैम्पस में देश के पहले इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ स्किल (आईआईएस) का संचालन जल्द शुरू होगा। हालांकि पहले इस इंस्टीट्यूट का सपना टूट गया था। दरअसल, भवन का निर्माण शुरू होने के कुछ माह बाद ही यह कह दिया गया था कि यहां आईआईएस का संचालन नहीं होगा बल्कि भवन बनकर तैयार होने पर नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (एनएसटीआई) के छात्र ही प्रशिक्षण लेंगे।
लेकिन अधिकारियों की माने तो अब फिर से इस भवन में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ स्किल के संचालन की तैयारी शुरू हो गई है। यह सूबे का पहला स्किल इंस्टीट्यूट होगा। क्षेत्रीय निदेशक का कहना है कि इसे आईआईएस भवन ही माना जाए।
पीएम मोदी ने 2016 में रखी थी आधारशिला
कानपुर में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ स्किल की आधारशिला पीएम नरेंद्र मोदी ने 19 दिसम्बर 2016 को रखी थी। इसके बाद जनवरी 2017 को इसका कार्य एनबीसीसी इंडिया लिमिटेड को दिया गया। इसके अलावा मुंबई और गुजरात में भी आईआईएस बनना था।
तीसरी बार कंपनी ने मांगा समय
एनबीसीसी इंडिया लिमिटेड ने मई 2018 में काम शुरू किया था। दो वर्ष में बिल्डिंग का कार्य पूरा करना था। लेकिन कंपनी ने बीते अगस्त माह में तीसरी बार समय बढ़ा दिया है। हालांकि अधिकारियों के अनुसार करीब 90 फीसदी काम पूरा हो चुका है।
कागज में न्यू एनएसटीआई भवन
हालांकि, विभागीय कागजों में अभी आईआईएस का नाम न्यू एनएसटीआई ही चल रहा है। विभाग की पत्रावली में भी एनएसटीआई का ही उल्लेख किया जा रहा है।
- 66.13 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट
- 14.05.2018 को निर्माण शुरु हुआ
- 16251.52 वर्गमीटर में बन रहा है
बन रहा बहुद्देशीय हॉल और एयर थियेटर
भूतल और दो तल बन चुके हैं। जिनमें लेबोरेटरी, क्लास रूम, बहुद्देशीय हॉल, स्टाफ रूम, एयर थियेटर, एलीवेटर, सौर ऊर्जा प्रणाली आदि को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
क्या होगा आईआईएस में
उद्योग की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए प्रशिक्षुओं को ‘हैंड्स ऑन स्किल’ प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। संस्थान चिह्नित क्षेत्रों में 2-वर्षीय डिप्लोमा पाठ्यक्रम संचालित करेगा। इन पाठ्यक्रमों में पारंपरिक और अधिक उन्नत क्षेत्रों का मिश्रण करके प्रशिक्षुओं के कैरियर मार्ग को परिभाषित किया जाएगा।
इनमें होंगे पारंगत
ऑटोमोबाइल लैब, सीएनसी लैब, कन्वेंसनल मशीन लैब, इंडस्ट्रीयल ऑटोमेशन लैब, मैक्रोनिक्स लैब, अपेरल सेक्टर, ब्यूटी सेक्टर, लेदर डिजाइन और कैड/कैम, आर्टिफीशियल इंटेलीजेंस, आईटी, नेटवर्किंग, क्लाउड लैब।
भवन का 90 फीसदी काम पूरा हो गया है। यह आईआईएस ही है। एनएसटीआई की बिल्डिंग नहीं है। मंत्रालय के आदेश पर इसमें पाठ्यक्रम संचालित किए जाएंगे …जे.डी. मासिलामणि, क्षेत्रीय निदेशक, आरडीएसडीई यूपी एवं एनएसटीआई।
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