अयोध्या: 52 अवैध निर्माणों पर नोटिस की खाना पूर्ति, कार्रवाई के नाम पर चुप्पी

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Edited By Amrit Vichar
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अयोध्या। लखनऊ के लेवाना अग्निकांड के बाद अयोध्या विकास प्राधिकरण (एडीए), स्वास्थ्य विभाग व अग्निशमन ने ताबड़तोड़ अभियान चलाते हुए 52 अवैध होटलों, गेस्ट हाउस व अस्पतालों को नोटिस जारी कर एक हफ्ते में जवाब तलब किया था। नोटिस देने के दो सप्ताह बाद भी किसी की तरफ से न तो कोई जवाब आया और …

अयोध्या। लखनऊ के लेवाना अग्निकांड के बाद अयोध्या विकास प्राधिकरण (एडीए), स्वास्थ्य विभाग व अग्निशमन ने ताबड़तोड़ अभियान चलाते हुए 52 अवैध होटलों, गेस्ट हाउस व अस्पतालों को नोटिस जारी कर एक हफ्ते में जवाब तलब किया था। नोटिस देने के दो सप्ताह बाद भी किसी की तरफ से न तो कोई जवाब आया और न ही किसी ने अपने मानकों को पूरा किया। अब तीनों विभाग भी चुप्पी साधे बैठे हुए हैं, और अयोध्या में लेवाना जैसे हादसे का इंतजार कर रहे हैं। इसी के साथ ही अग्निशमन के मानकों को लेकर शहर में चलाया गया अभियान भी सुस्त पड़ गया है।

लेवाना अग्निकांड के बाद एक्शन में आए एडीए ने शहर के होटलों व गेस्ट हाउसों के खिलाफ तेजी से अभियान चलाया। एडीए के अधिकारियों ने लेआउट व अग्निशमन के मानकों को पूरा न करने वाले लगभग 22 होटलों व गेस्ट हाउसों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। नोटिस की समय अवधि समाप्त होने के बाद भी अभी तक एडीए ने किसी भी होटल या गेस्ट हाउस के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। ऐसा ही कुछ हाल स्वास्थ्य महकमे का भी है। यहां पर भी अब कार्रवाई के नाम पर नोटिस का खेल जारी है।

शहर में तीन प्रमुख अस्पताल, सीएचसी व पीएचसी के अलावा कई निजी चिकित्सालय मौजूद हैं, जहां प्रतिदिन मरीजों का इलाज होता है, लेकिन यहां भी अग्निशमन के मानकों को पूरा करने की केवल खानापूर्ति की गई है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने लगभग 10 निजी चिकित्सालयों को अग्निशमन के मानकों को पूरा न करने के मामले में नोटिस जारी कर जवाब मांगा है, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को निर्देश जारी कर व्यवस्थाएं दुरुस्त करने को कहा है। यहां भी अभियान सिर्फ नोटिस जारी करने तक ही सीमित रहा। अग्निशमन ने भी शहर में घूम-घूमकर लगभग 20 छोटे-बड़े होटलों व गेस्ट हाउस को नोटिस दिया था। एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी किसी ने कोई जवाब नहीं दिया।

जिला अस्पताल में भी फायर सर्विस सिस्टम नहीं

निजी चिकित्सालयों की बात छोड़ दें तो शहर के प्रमुख जिला व महिला अस्पताल में अभी तक फायर सर्विस सिस्टम नहीं लग पाया है। ऐसे में फायर एनओसी तो दूर की बात है। प्रतिदिन हजारों मरीजों को स्वास्थ्य लाभ की सुविधाएं उपलब्ध कराने वाले दोनों अस्पताल बिना फायर एनओसी के ही संचालित किए जा रहे हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय राजा ने बताया कि दोनों अस्पतालों में फायर सर्विस सिस्टम के कार्य का जिम्मा कार्यदायी संस्था को दिया गया है। उन्होंने बताया कि दोनों अस्पतालों में 80 प्रतिशत तक का काम पूरा हो गया है, शेष कार्य जल्द ही पूरा हो जाएगा।

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सीएमओ डॉ. अजय राजा ने बताया कि लेवाना हादसे के बाद 10 निजी अस्पतालों में मानक के अनुसार अग्निशमन संयत्र न होने पर दस दिन पहले नोटिस दी गई थी। हालांकि जवाब किसने भेजा यह जानकारी अभी मेरे पास नहीं है।

अग्निशमन अधिकारी राजकिशोर राय ने बताया कि 20 मानक विहीनों को नोटिस दी जा चुकी है, जिसमें पांच का जवाब आया है। शेष ने अभी कोई जवाब नहीं दिया है। एक सप्ताह का समय दिया गया था, जो पूरा हो चुका है। इनके विरुद्ध

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