कानपुर: पत्नी बोली- सब पता था…पर सास-ससुर के खातिर चुप रही, जानें क्यों नहीं आई शव से बदबू
कानपुर, अमृत विचार। 17 महीने तक शव के साथ रहने वाली विमलेश की पत्नी मिताली ने चुप्पी तोड़ी है। उसने कहा कि कोऑपरेटिव बैंक में मैनेजर मिताली ने कहा, कि पति के निधन के बाद उनके माता-पिता को गहरा सदमा लगा। वह बेटे की मौत को स्वीकार करने को तैयार नहीं थे। एक बार तो …
कानपुर, अमृत विचार। 17 महीने तक शव के साथ रहने वाली विमलेश की पत्नी मिताली ने चुप्पी तोड़ी है। उसने कहा कि कोऑपरेटिव बैंक में मैनेजर मिताली ने कहा, कि पति के निधन के बाद उनके माता-पिता को गहरा सदमा लगा। वह बेटे की मौत को स्वीकार करने को तैयार नहीं थे। एक बार तो मुझे भी लगा कि सांसें चल रही हैं, दिल धड़क रहा है। लेकिन, जब शरीर काला पड़ता गया और पूरी तरह से सूख गया तो मुझे यकीन हो गया कि पति जिंदा नहीं है।
सास-ससुर झगड़ने लगते थे
पत्नी मिताली ने कहा कि सास-ससुर को समझाने का बहुत प्रयास किया। कई बार तो वह बेटे के मोह में झगड़ने लगते थे। वह यह बात मानने को ही तैयार नहीं थे कि विमलेश की मौत हो चुकी है। मुझे भी लगा कि पति तो चला गया लेकिन अब सास-ससुर को खोना नहीं चाहती। इसके चलते इतने महीनों तक सास-ससुर और परिवार की हां में हां मिलाना पड़ा।
डिप्टी सीएमओ ने बताया क्यों नहीं आई बदबू
डिप्टी सीएमओ डॉ. गौतम ने बताया कि शव के सड़ने की प्रक्रिया में उसमें से पानी निकलता है। इससे दुर्गंध उठती है। परिवार ने विमलेश के शव से निकलने वाले पानी को बार-बार डेटॉल से साफ कर देते थे। इससे शव पर बैक्टीरिया नहीं पनप पाए। यही नहीं शव की तेल मालिश तक की जा रही थी। यहां तक 24 घंटे एसी ऑन रखा जाता था। लगातार ऐसा करने से शव सूखकर अकड़ गया और चमड़ी पूरी काली हो गई। बैंक अफसर पत्नी मिताली, पिता राम अवतार, मां, भाई दिनेश और सुनील था जिंदा मानकर बच्चों की तरह उसकी सेवा में जुटे थे उसके रोजाना नए व डेटॉल से धुले कपड़े पहनाए जाते थे।
पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की जांच जारी
पूरे मामले में कानपुर कमिश्नरेट पुलिस सीएमओ और डॉक्टरों की टीम की मदद ले रही है। शव को घर में रखने का कारण के साथ-साथ परिवार की मनोस्थिति का भी अध्ययन किया जा रहा है। मेडिकल सांइस के जानकार इसको शेयर्ड डिल्यूजन डिसऑर्डर का केस मान रहे हैं। उनके अनुसार जब पूरे परिवार के सभी सदस्य झूठ पर भरोसा और विश्वास करने लगते हैं। जब मानसिक विक्षिप्तता परिवार के एक सदस्य से होकर परिवार के सभी सदस्यों तक पहुंच जाती है तो इसे शेयर्ड डिल्यूजन डिसऑर्डर बीमारी कहते हैं।
पूरा परिवार सरकारी नौकरी में
विमलेश की पत्नी मिताली किदवई नगर ब्रांच में कोऑपरेटिव बैंक में मैनेजर हैं। उसकी 17 महीने की एक बेटी दृष्टि और 4 साल का बेटा संभव है। पिता राम अवतार ऑर्डिनेंस फैक्ट्री कानपुर से रिटायर्ड हैं। छोटा भाई दिनेश कानपुर में सिंचाई विभाग में हेड असिस्टेंट के पद पर कार्यरत है। दूसरा भाई सुनील बिजली विभाग में ठेकेदारी करते हैं। सब एक घर में ही रहते हैं।
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