हिस्ट्रीशीटर और गुंडे की पुलिस सेटिंग से बरेली न बन जाए कानपुर
संजय शर्मा, बरेली। कानून के लंबे हाथ तब छोटे और कमजोर हो जाते हैं जब विभाग में बैठे अफसर नेताओं के आगे सिर झुकाना शुरू कर देते हैं। उनका तबादला न हो इसलिए नेताओं की सिफारिशें आने के बाद बदमाश को बिना कार्रवाई के ही छोड़ दिया जाता है। कानपुर के चौबेपुर का हिस्ट्रीशीटर विकास …
संजय शर्मा, बरेली। कानून के लंबे हाथ तब छोटे और कमजोर हो जाते हैं जब विभाग में बैठे अफसर नेताओं के आगे सिर झुकाना शुरू कर देते हैं। उनका तबादला न हो इसलिए नेताओं की सिफारिशें आने के बाद बदमाश को बिना कार्रवाई के ही छोड़ दिया जाता है। कानपुर के चौबेपुर का हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे यूं ही विकास दुबे नहीं बना।
वहीं बरेली में भी ऐसे कई हिस्ट्रीशीटर हैं जो पुलिस के साथ मिल कर दो नंबर का धंधा कर मोटा पैसा कमा रहे हैं। ये बदमाश कभी भी कानपुर जैसी वारदात करवा सकते हैं।
इन बदमाशों के ऊपर भी कई नेताओं का हाथ है। पुलिस इन्हें पकड़ने जाती है तो नेताओं की सिफारिशें आती हैं। ज्यादा दबाव होने पर पुलिस में तैनात इनके सहयोगी इन्हें बचने का रास्ता दिखाते हैं और जब यह बच जाते हैं तो फिर से इनकी बदमाशी शुरू हो जाती है।
इन हिस्ट्रीशीटर और गुंडों पर एक दो नहीं बल्कि दर्जन भर से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस की टीम देख कर ये उन पर फायरिंग करने तक से गुरेज नहीं करते हैं।
जिले में एक जनवरी से लेकर अब तक पुलिस ने 120 लोगों पर गैंगस्टर की कार्रवाई की है। साथ ही 175 लोगों पर गुंडा एक्ट लगाया गया है। रेंज में बरेली में हुई कार्रवाई चारों जिलों में सबसे बड़ी कार्रवाई है। इसके बाद भी बदमाशों में पुलिस का खौफ नहीं है।
केस 1- पुलिस की सेटिंग से हिस्ट्रीशीटर करवा रहा था जुआ
लाकडाउन में शराब बेचने की बात जब क्राइम ब्रांच को पता चली तो टीम ने रामगंगा नगर कॉलोनी में दबिश देकर वहां भारी मात्रा में शराब बरामद की। हिस्ट्रीशीटर और उसके साथी को पकड़ लिया गया। पूछताछ में उसने टीम को बताया कि वह जुआ भी करवाता है। पुलिस उसका खेल न बिगाड़े इसलिए चौकी के दारोगा, बीट सिपाही और यूपी 112 पर महीने में एक लाख रुपये से अधिक खर्च करता था।
केस 2- गंगापुर सिकलापुर में हिस्ट्रीशीटर का राज
गंगापुर और सिकलापुर में एक पुराने हिस्ट्रीशीटर का राज है। वह जुआ, शराब तस्करी से लेकर सारे काम करता है। बीते दिनों उसे गिरफ्तार कर क्राइम ब्रांच ने जेल भेज दिया। पूछताछ में उसने पुलिस को बताया कि वह इसके लिए कई पुलिसवालों को शराब और खाने की व्यवस्था करता था।
केस 3- कटरा चांद खां में ली जान, नेता ने करवाया सरेंडर
कटरा चांद खां में ताबड़तोड़ गोली चलाकर बदमाशों ने एक युवक की जान ले ली थी। पुलिस उन्हें गिरफ्तार करती इससे पहले वह नेता की शरण में चले गए और फिर नेता ने पुलिस को फोन करके अपने घर बुलाया और फिर उन्हें पुलिस को सौंप दिया। पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
“हिस्ट्रीशीटर और गुंडों के खिलाफ अभियान चलता रहता है। वह क्या कर रहे हैं और कहां रह रहे हैं इसकी जानकारी जुटाई जाती है। अगर वह गलत काम में शामिल होते हैं तो उनकी गिरफ्तारी कर नया मुकदमा दर्ज किया जाता है।” -राजेश कुमार पांडेय, डीआईजी
दबिश से पहले पुलिस कर ले पूरी तैयारीः एडीजी
कानुपर की घटना के बाद एडीजी अविनाश चंद्र ने जोन के पुलिस अफसरों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिग के माध्यम से मीटिंग की। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि हर थाना क्षेत्र के टॉप 10 बदमाशों की लिस्ट तैयार करें। साथ ही माफियाओं के खिलाफ कठोर कार्रवाई करना शुरू किया जाए। जिन गैंगस्टरों ने संपत्ति कमाई है उनकी संपत्ति कुर्की की कार्रवाई की जाए। साथ ही बार-बार अपराध करने वालों के खिलाफ गैंगस्टर की कारवाई की जाए।
उन्होंने अपने अधिकारियों को बताया कि जब भी वह दबिश देने जाएं तो दबिश से पहले पूरी तैयारी कर लें, ताकि वह किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहे। इस दौरान एडीजी के साथ डीआईजी राजेश कुमार पांडेय भी मौजूद रहे।
