औरैया में अपराधी विकास दुबे के फर्जी एनकाउंटर की खबर पर पुलिस का एक्शन
औरैया। उत्तर प्रदेश के कानपुर के चौबेपुर क्षेत्र में दो जुलाई की रात इनामी हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे के साथ मुठभेड़ में आठ पुलिस कर्मियों के शहीद होने के अगले दिन शुक्रवार को सोशल मीडिया में अपराधी के औरैया में मार गिराये जाने की फर्जी अफवाह फैलाने वाले अज्ञात व्यक्तियों के विरूद्ध पुलिस अधीक्षक के निर्देश …
औरैया। उत्तर प्रदेश के कानपुर के चौबेपुर क्षेत्र में दो जुलाई की रात इनामी हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे के साथ मुठभेड़ में आठ पुलिस कर्मियों के शहीद होने के अगले दिन शुक्रवार को सोशल मीडिया में अपराधी के औरैया में मार गिराये जाने की फर्जी अफवाह फैलाने वाले अज्ञात व्यक्तियों के विरूद्ध पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर सदर कोतवाली में विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
और ऐसे व्यक्तियों की छानबीन के लिये साइबर सेल टीम को लगा दिया गया है। पुलिस सूत्रों से सोमवार को यहां बताया कि रविवार को जिले के साइबर सेल के प्रभारी लोकेश कुमार ने पुलिस अधीक्षक सुनीति को दी तहरीर में कहा कि साइबर सेल टीम द्वारा सोशल मीडिया में सतत निगरानी में पाया गया कि सोशल मीडिया के विभिन्न माध्यमों ट्वीटर, फेसबुक, व्हाट्सएप से भ्रामक फोटो एवं वीडियो एक खबर के साथ वायरल हो रहा है।
जिसमें बताया जा रहा है कि कानपुर मुठभेड़ में पुरूस्कार घोषित वांछित अपराधी विकास दुबे का औरैया में इंस्पेक्टर ऋषिकान्त/एसटीएफ द्वारा एनकाउन्टर कर दिया गया है। इस प्रकरण की जांच करने पर जानकारी हुई कि वायरल हो रही फोटो/वीडियो एवं खबर का औरैया से कोई सम्बन्ध नहीं है, वायरल की जा रही फोटो, वीडियो व खबर पूर्णता असत्य व निराधार है।
वायरल की जा रही औरैया में एनकाउन्टर की झूठी अफवाह से सामान्य जनमानस में भय का माहौल बन गया है। कोविड-19 में कार्यरत सरकारी कर्मचारी के कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। सदर कोतवाली में सोशल मीडिया में फर्जी अफवाह फैलाने एवं कोविड-19 के चलते कार्य सरकार में व्यवधान उत्पन्न करने आदि के आरोप में धारा 353, 505(1), 188, आपदा प्रबन्धन अधिनियम 56 व सूचना प्रोधैगिकी अधिनियम 66 के तहत मुकदमा पंजीकृत कर अफवाह फैलाने वालों की तलाश शुरू कर दी गयी है।
