जुलूस-ए-मोहम्मदी : नहीं बजेगा डीजे, गाड़ियों पर भी रोक…उलेमा ने किया ऐलान

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मुरादाबाद, अमृत विचार। उलेमा ने इस बार जुलूस-ए-मोहम्मदी में डीजे व बड़ी गाड़ियों पर रोक लगाने का निर्णय लिया। इसका ऐलान मरकजी जमीअत अहले सुन्नत की जानिब से किया गया तो वहीं उलेमा ने भी इस पर अपनी मुहर लगा दी है। शहर में मुस्लिम समुदाय द्वारा ईद मिलादुन्नबी के मौके पर जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाला जाता …

मुरादाबाद, अमृत विचार। उलेमा ने इस बार जुलूस-ए-मोहम्मदी में डीजे व बड़ी गाड़ियों पर रोक लगाने का निर्णय लिया। इसका ऐलान मरकजी जमीअत अहले सुन्नत की जानिब से किया गया तो वहीं उलेमा ने भी इस पर अपनी मुहर लगा दी है।

शहर में मुस्लिम समुदाय द्वारा ईद मिलादुन्नबी के मौके पर जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाला जाता है। इस जुलूस की अगुवाई मरकजी जमीअत अहले सुन्नत के सदर मुफ्ती मन्नान कलीमी व मुफ्ती दानिश कादरी द्वारा की जाती है। इस साल आठ अक्टूबर को ईद मिलादुन्नबी मनाया जायेगा। जिसके सिलसिले में जुलूस-ए-मोहम्मदी को लेकर की गई बैठक में मरकजी जमीअत अहले सुन्नत के नायब सदर मुफ्ती दानिश कादरी ने इस बार जुलूस-ए-ईद मिलादुन्नबी डीजे, बड़ी गाड़ी व गाड़ियों से फेंके जाने वाले गैर जरूरी सामानों पर चर्चा कर रोक लगाने का ऐलान किया है।

वहीं शहर के उलेमा का कहना है कि यह एक अच्छी पहल है। जुलूस-ए-मोहम्मद हमारे प्यारे नबी के जन्मदिवस के दिन की खुशी में निकाला जाता है। इसलिए हमे इसका अदब करना चाहिए। मुसलमान जुलूस में अच्छे लिबास पहनकर पैदल ही शामिल हो और जुलूस में तिलावत करते हुए चले। डीजे, गाड़ी व अन्य कोई काम जो हमारी शरियत में नहीं है, उस काम को जुलूस में न करे।

उलेमा की राय

जुलूस-ए-मोहम्मदी में डीजे व गाड़ी और गाड़ियों से खाने की चीजे फेंके जाना ठीक नहीं है। इसलिए हमने जुलूस में डीजे पर गाड़ियों पर रोक लगा दी है। सभी मुसलमानों से अपील की जाती है कि आप लोग पैदल ही शिरकत करें और तिलावत करते हुए चले। -मुफ्ती दानिश कादरी, नायब सदर, जमीअत अहले सुन्नत

मुसलमानों को ईद मिलादुन्नबी के दिन ज्यादा से ज्यादा इबादत करनी चाहिए। अल्लाह के नबी पर दुरुदों सलाम का नजराना पेश करें। अल्लाह के नबी की सुन्नतों पर अमल करें। -मुफ्ती फहद, नायब शहर इमाम

ईद मिलादुन्नबी के जुलूस में डीजे व गाड़ियों पर रोक लगना बहुत अच्छी बात है। इसलिए मुसलमान इस बात पूरी तरह अमल करें। जुलूस में ज्यादा से ज्यादा तिलावत करते हुए चले। -शिब्ली मियां, सज्जादानशीन, दरगाह हजरत शाह मुकम्मल

मुसलमान जुलूस-ए-मोहम्मदी में अच्छे लिबास पहनकर शामिल हो। नात-ए-पाक पढ़े और तिलावत करे। डीजे व गाड़ियों से परहेज करे। मरकजी जमीअत अहले सुन्नत की पहल का मैं पूरा समर्थन करता हूं। सभी मुसलमानों से अपील करता हूं कि इस पर अमल करें। मुसलमानों को इस दिन एक अच्छा सन्देश देना चाहिए। -अली नईम चिश्ती, सज्जादानशीन, दरगाह सुल्तान साहब

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