मुरादाबाद : गरीबों के लिए मसीहा बनीं डॉ. अनीता, इलाज का उठाती हैं पूरा खर्च
मुरादाबाद, अमृत विचार। जिला अस्पताल में तैनात होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. अनीता मौर्य गरीबों के लिए मसीहा बनी हैं। वह गरीबों का मुफ्त इलाज करती हैं। साथ ही उनकी दवाई का खर्च भी खुद ही उठाती हैं। वह अपने पेशे के प्रति पूरी तरह समर्पित हैं। पेशे से अन्याय न हो इसके लिए उन्होंने विवाह भी …
मुरादाबाद, अमृत विचार। जिला अस्पताल में तैनात होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. अनीता मौर्य गरीबों के लिए मसीहा बनी हैं। वह गरीबों का मुफ्त इलाज करती हैं। साथ ही उनकी दवाई का खर्च भी खुद ही उठाती हैं। वह अपने पेशे के प्रति पूरी तरह समर्पित हैं। पेशे से अन्याय न हो इसके लिए उन्होंने विवाह भी नहीं किया।
प्रयागराज से होम्योपैथिक में बीएचएमएस की डिग्री हासिल करने के बाद 2004 में उन्होंने रुद्रपुर स्थित चंदोली होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज से नौकरी शुरू की। इसके बाद केजीके कॉलेज के रिसर्च डिपार्टमेंट भी अपनी सेवाएं दीं। अब चार साल से जिला अस्पताल में अपनी सेवाएं दे रही हैं।
सिविल लाइंस के शांति नगर में रहने वाली डॉ. अनीता मौर्य छह भाई-बहनों में पांचवें नंबर की हैं। वह बताती हैं कि पिता सीएल मौर्य बीएसएन में इंस्पेक्टर थे। मां गृहिणी हैं। परिवार में किसी तरह की कोई परेशानी नहीं थी। माता-पिता व भाई-बहनों का पूरा सहयोग था। मगर उनकी बचपन से ही कुछ ऐसा करने की इच्छा थी जिससे लोगों की सेवा की जा सके। इसके लिए चिकित्सा पेशा चुना।
होम्योपैथी की पढ़ाई करने के बावजूद उन्होंने डिलीवरी कराना सीखा। इसके लिए उन्होंने दिन रात मेहनत की। उन्हें शुरू से ही गरीबों की मदद करने का जज्बा था। इसीलिए उन्होंने 20 से ज्यादा ऐसे डिलीवरी केस भी किए जिनकी दवाओं का खर्च भी खुद ही वहन किया। वह कहती हैं कि परिवार होने के बाद मरीजों को पूरा समय नहीं दे पाती। इसलिए शादी के बारे में कभी सोचने की फुर्सत ही नहीं मिली। मूल रूप से चंदौसी की इस बेटी के जज्बे को सलाम। डॉ. अनीता मौर्य उन बेटियों के लिए प्रेरणा हैं जो जीवन में अपनी मेहनत के बलबूते पर बुलंदियों को छूना चाहती हैं।
