बरेली: राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा- कांग्रेस ने की पसमांदा मुसलमानों की अनदेखी
बरेली, अमृत विचार। रविवार को पसमांदा मुस्लिम समाज का मंडलीय सम्मेलन पीलीभीत बाईपास रोड के समीप आयोजित किया गया। जिसमें संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री अनीस मंसूरी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने पसमांदा मुसलमानों की अनदेखी की है, जिस कारण कांग्रेस की यह हालत है। कहा कि देश में मुसलमानों की कुल …
बरेली, अमृत विचार। रविवार को पसमांदा मुस्लिम समाज का मंडलीय सम्मेलन पीलीभीत बाईपास रोड के समीप आयोजित किया गया। जिसमें संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री अनीस मंसूरी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने पसमांदा मुसलमानों की अनदेखी की है, जिस कारण कांग्रेस की यह हालत है। कहा कि देश में मुसलमानों की कुल आबादी के 85 प्रतिशत पसमांदा है। जिन्हें सरकारी नौकरियों में आरक्षण मिलता था, जिसे 10 अगस्त 1950 के प्रेसिडेंशियल आर्डर के जरिए खत्म कर दिया गया।
मुसलमानों की एक बड़ी आबादी पिछड़ा व आदिवासी घोषित होने से वंचित है। उन्होंने कहा कि पसमांदा मुसलमानों की लगभग 50 जातियां ऐसी हैं, जिनके पुश्तैनी कारोबार समाप्त हो गए हैं। जिससे उनके सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है। हमारे बच्चों की तालीम संभव नहीं हो पा रही है। इस कड़वी सच्चाई का उल्लेख सच्चर आयोग व रंगनाथ मिश्रा आयोग की रिपोर्ट में भी किया गया है।
उन्होंने मांग करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश के साथ-साथ पूरे देश में कर्पूरी ठाकुर फार्मूला के अनुसार अन्य पिछड़े वर्ग कोटा में अति पिछड़ा वर्ग के लिए अलग से आरक्षण लागू हो व पसमांदा अधिसूचित मुस्लिम जातियों को प्राथमिकता के आधार पर सबसे ऊपर रखा जाएगा। महबूब आलम लारी, डा. याकूब, मुख्तार अहमद, हाजी अंजुम, हाजी नसीम मंसूरी आदि ने भी सभा को संबोधित किया। डा. शमशाद अंसारी, कैफी अजहरी, इनाम वारिस, शमशुद्दीन मंसूरी के अलावा पीलीभीत, बदायूं, बरेली, शाहजहांपुर, रामपुर, मेरठ और मुजफ्फरपुर के पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
ये भी पढ़ें – बरेली: दशहरे से होता है ईंट पथाई का काम, हड़ताल से लगा ब्रेक
