बरेली: लाकडाउन की घोषणा पर बाजार में उमड़ी भीड़, टूटी सोशल डिस्टेंसिंग
बरेली, अमृत विचार। कोरोना संक्रमण बेकाबू हो गया है। प्रदेश के हालात खराब होने पर संक्रमण की रोकथाम के लिए सरकार ने फिर तीन दिन का लाकडाउन लागू करने की घोषणा की है। घोषणा के मद्देनजर शुक्रवार को बाजार में इतनी भीड़ उमड़ी कि सोशल डिस्टेंसिंग तार-तार हो गई। भीड़ नियंत्रण करने के लिए बाजार में …
बरेली, अमृत विचार। कोरोना संक्रमण बेकाबू हो गया है। प्रदेश के हालात खराब होने पर संक्रमण की रोकथाम के लिए सरकार ने फिर तीन दिन का लाकडाउन लागू करने की घोषणा की है। घोषणा के मद्देनजर शुक्रवार को बाजार में इतनी भीड़ उमड़ी कि सोशल डिस्टेंसिंग तार-तार हो गई। भीड़ नियंत्रण करने के लिए बाजार में तैनात पुलिस प्रशासन के अधिकारी असहाय दिखे। लोगों को आशंका है कि सरकार तीन दिन के बहाने लाकडाउन आगे भी बढ़ा सकती है।
शुक्रवार को जैसे ही दिन निकला। बाजार खुलते ही लोग खरीदारी करने पहुंच गए। सुबह से शाम तक श्यामगंज, कुतुबखाना, बड़ा बाजार में भीड़ के दबाव से जाम की स्थिति बनी रही। लाकडाउन की आड़ में व्यापारियों ने निर्धारित रोस्टर ताक पर रखकर मनमानी तरीके से दुकानें खोलीं। जबकि इन्हें रोस्टर के अनुसार खुलना था। भीड़ का इतना दबाव था कि लोग सोशल डिस्टेंसिंग भूल गए। बिना मास्क लगाए लोग खरीदारी को जुटे रहे। सड़कों पर भी बड़ी संख्या में वाहनों की आवाजाही से सड़कों पर जाम लगा रहा।
वैश्विक महामारी कोविड-19 एवं संचारी रोगों के रोकथाम के लिए अनलॉक-2 में शुक्रवार की रात 10 बजे से 13 जुलाई सुबह 5 बजे तक यानी 55 घंटे तक लाकडाउन रहेगा। सरकार ने इसकी 9 जुलाई को घोषणा की। शुक्रवार को जिलाधिकारी नितीश कुमार की ओर से लाकडाउन को लेकर गाइडलाइन जारी कर दी गई लेकिन गाइडलाइन में कई चीजें अस्पष्ट हैं। आवश्यक सेवाएं चालू रहेंगी तो लिखा है लेकिन इसमें कौन सी सेवाएं चालू रहेंगी, इसका कोई जिक्र नहीं है। किराने की दुकानें खोलने को लेकर व्यापारी असमंजस में हैं।
होलमेल किराना कमेटी के अध्यक्ष गुलशन सब्बरवाल का कहना है कि डीएम की ओर से उन्हें किराना दुकानें खोलने के संबंध में कोई भी दिशा-निर्देश नहीं मिले हैं। इसलिए 55 घंटे के लिए किराना बाजार पूर्णता बंद रखा जाएगा। वहीं, शहर में टेंपो के संचालन को लेकर भी कोई निर्देश नहीं हैं। हालांकि माना जा रहा है कि टेंपो संचालन भी बंद रहेगा।
वहीं, जिला प्रशासन की गाइडलाइन के मुताबिक संपूर्ण लाकडाउन के दौरान आवश्यक सेवाओं पर कोई प्रतिबंध नहीं है। अस्पताल और नर्सिंग होम भी खुले रहेंगे। इन सेवाओं में कार्यरत व्यक्तियों, कोरोना वॉरियर, स्वच्छता कर्मी और डोर-स्टेप डिलीवरी से जुड़े व्यक्तियों के आने जाने पर कोई प्रतिबध नहीं रहेगा।
व्यावसायिक प्रतिष्ठान, बाजार बंद पर निर्माण इकाइयों को छूट
55 घंटे की अवधि में जनपद के सभी बाजार और व्यावसायिक प्रतिष्ठान, शहरी और ग्रामीण हाट, गल्ला मंडी और कार्यालय बंद रहेंगे लेकिन इस अवधि में सभी बड़े निर्माण कार्य, बड़े पुल और सड़कें, लोक निर्माण विभाग के बड़े निर्माण, सरकारी भवन और निजी प्रोजेक्टों का निर्माण कार्य पहले की तरह जारी रहेगा।
टेंपो व रोडवेज बसों का संचालन भी बंद
यदि आप 11 और 13 जुलाई को रोडवेज बस से सफर तय करने की सोच रहे हैं तो आपको अपना प्लान बदल लें। संपूर्ण लाकडाउन के 55 घंटे में प्रदेश के भीतर परिवहन निगम के सभी बसों के संचालन पर प्रतिबंध रहेगा। केवल ट्रेन से सफर कर पहुंचे यात्रियों को उनके गंत्वय तक पहुंचाने के लिए निर्धारित बसें चलेंगे। टेंपो भी नहीं चलेंगे।
माल वाहक वाहनों पर भी प्रतिबंध नहीं
लाकडाउन के दौरान मालवाहक वाहनों के आवागमन पर कोई प्रतिबंध नहीं है। राष्ट्रीय और राज्य मार्गों पर परिवहन पूर्व की तरह जारी रहेगा। राष्ट्रीय और राज्य मार्ग के किनारे के पेट्रोलपंप और ढाबे पूर्ववत खुलें रहेंगे।
सफाई और पेयजल से जुड़े कार्यालय खुलेंगे
सफाई एवं स्वच्छता और स्वच्छ पेयजल आपूर्ति के लिए वृहद अभियान चलाया जाएगा। इसमें शामिल सभी अधिकारी, कर्मचारी प्रतिबंधों से मुक्त रहेंगे और इनसे संबंधित कार्यालय भी खुले रहेंगे।
स्क्रीनिंग और सर्विलांस अभियान रहेगा जारी
स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोविड-19 और संचारी रोग सर्विलांस टीमों के माध्यम से व्यापक मेडिकल स्क्रीनिंग और सर्विलांस अभियान यथावत चलता रहेगा। इससे संबंधित कार्यालय खुले रहेंगे। इसमें शामिल अधिकारियों और कर्मचारियों को उनके पहचान पत्र के आधार पर आने जाने का कोई प्रतिबंध नहीं रहेगा।
ग्रामीण क्षेत्रों के औद्योगिक कारखाने खुले रहेंगे
लाकडाउन की अवधि में ग्रामीण क्षेत्र के औद्योगिक कारखाने खुले रहेंगे, मगर इस दौरान सामाजिक दूरी एवं अन्य स्वास्थ्य संबंधी प्रतिबंधों का कड़ाई से पालन कराया जाएगा। शहरी क्षेत्रों में निरंतर चालू रहने वाले औद्योगिक कारखानों को छोड़कर शेष बंद रहेंगे।
“कोविड-19 की समीक्षा और संचारी रोगों जैसे एनसिफेलाइटिस, मलेरिया, डेंगू के संक्रमण को रोकने के लिए यह निर्णय लिया गया है। शासनादेश में उल्लेखित सभी प्रतिबंधों का कड़ाई से पालन कराया जाएगा। पूर्व में तैनात नोडल अधिकारियों को निर्देशित किया जा चुका है कि लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।” -नितीश कुमार, जिलाधिकारी
