अमेठी: पत्नी ने किया शराब पीने का विरोध तो पति ने कुल्हाड़ी से वार कर उतारा मौत के घाट
मुसाफिरखाना-अमेठी। जिले के मुसाफिरखाना क्षेत्र के हरदोइया गांव में एक शराबी पति ने शराब पीने का विरोध करने पर पत्नी को डंडे व कुल्हाड़ी से पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया।मामले की सूचना पर पुलिस ने महिला का शव बरामद कर कार्रवाई शुरू की है। वहीं पहुंचे एसपी ने मामले की जांच की। कोतवाली के …
मुसाफिरखाना-अमेठी। जिले के मुसाफिरखाना क्षेत्र के हरदोइया गांव में एक शराबी पति ने शराब पीने का विरोध करने पर पत्नी को डंडे व कुल्हाड़ी से पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया।मामले की सूचना पर पुलिस ने महिला का शव बरामद कर कार्रवाई शुरू की है। वहीं पहुंचे एसपी ने मामले की जांच की।
कोतवाली के हरदोइया गांव निवासी मनोहर सोमवार की सुबह जमकर शराब पीकर घर में हंगामा खड़ा किया था। इसी बात पर नाराज पत्नी गायत्री (45) ने और शराब पीने का विरोध किया तो नाराज पति मनोहर आग-बबूला हो गया। घर में रखी कुल्हाड़ी व डंडे से पीटपीट कर उसे मौत के घाट उतार दिया। मामले की सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटना स्थल से हत्या में प्रयुक्त डंडा व कुल्हाड़ी बरामद कर जांच शुरू की है।
ग्रामीणों की मानें तो मनोहर आये-दिन शराब पीकर घर में हंगामा खड़ा करता था। यही नहीं शराब पीने को लेकर अक्सर अपनी पत्नी गायत्री से मारपीट करता था। इसी बात से खिन्न मनोहर के दोनों बेटे सिकंदर और जितेंद्र शहर में परिवार के साथ रहते हैं। वे बहुत कम ही गांव आते हैं।पुलिस की मानें तो रविवार की रात में भी पति-पत्नी के बीच शराब पीने को लेकर मारपीट हुई थी।
बावजूद इसके मनोहर ने सुबह भी शराब पी ली।मृतक गायत्री का शव छप्पर से पुलिस ने बरामद किया है। कोतवाल अमर सिंह ने बताया कि पति-पत्नी के बीच मारपीट की घटना शराब पीने से मना करने पर हुई है। आरोपी को मौके से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अधीक्षक डॉ. इला मारन जी घटना स्थल पर पहुंच कर लोगों से जानकारी लेते हुए कार्रवाई का आदेश दिया।
हरदोइया गांव में खुलेआम बनती है कच्ची शराब
क्षेत्र के हरदोइया गांव में अर्से से कच्ची शराब बनाने का धंधा बदस्तूर जारी है। जबकि आबकारी विभाग का दावा है कि कच्ची शराब की बिक्री व बनाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। बावजूद इसके गांव में सैकड़ों घरों में कच्ची शराब बनाने का कार्य किया जाता है। ग्रामीण बताते हैं कि इस गोरखधंधे में स्थानीय पुलिस व आबकारी विभाग के जिम्मेदार भी शामिल हैं। उनकी शह पर बेखौफ कच्ची शराब गांव में आधा दर्जन दुकानों पर बिक्री की जाती है।
दो वर्ष पूर्व आबकारी व पुलिस के संयुक्त अभियान में गांव में छापेमारी के दौरान दस कुंतल लहन व साठ लीटर कच्ची शराब के साथ शराब बनाने के उपकरण बरामद किए गए थे। हालांकि बाद में दो महिलाओं समेत तीन आरोपियों को पुलिस ने सुविधा शुल्क लेकर छोड़ दिया था। बीते माह आबकारी विभाग की टीम छापेमारी करने गांव पहुंची थी, लेकिन मोबाइल से सूचना मिलते ही शराब बनाने में लिप्त लोग फरार हो गए और आबकारी टीम खाली हाथ लौट गई।
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