मदरसों में आतंक की जड़े मजबूत कर रहे आठ आतंकी गिरफ्तार

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अमृत विचार, लखनऊ। उत्तर प्रदेश एटीएस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए कुख्यात आतंकी संगठन ‘अलकायदा’ और उसके सहयोगी बांग्लादेशी संगठन ‘जमात-उल-मुजाहिद्दीन बांग्लादेश (जेएमबी)’ के आठ आतंकियों को अलग-अलग जगहों से गिरफ्तार किया है। ये आतंकी गजवा-ए-हिन्द के उद्देश्य को पूरा करने के लिए उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में अपना नेटवर्क फैलाने में जुटे …

अमृत विचार, लखनऊ। उत्तर प्रदेश एटीएस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए कुख्यात आतंकी संगठन ‘अलकायदा’ और उसके सहयोगी बांग्लादेशी संगठन ‘जमात-उल-मुजाहिद्दीन बांग्लादेश (जेएमबी)’ के आठ आतंकियों को अलग-अलग जगहों से गिरफ्तार किया है। ये आतंकी गजवा-ए-हिन्द के उद्देश्य को पूरा करने के लिए उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में अपना नेटवर्क फैलाने में जुटे हुए थे।

तीन दिन के विशेष अभियान में एटीएस ने दबोचा

यूपी एटीएस की ओर से बताया गया कि पिछले दिनों जेएमबी मॉड्यूल के चार आतंकियों को एटीएस ने पकड़ा था। इनमें अब्दुल्ला तलहा, अहसान, मुफक्किर व अकील अहमद शेख शामिल थे। इन आतंकियों से पूछताछ में जानकारी मिली कि अलकायदा के इंडियन सब कांटिनेंट या अलकायदा बर्र-ए-सगीर तथा सहयोगी आंतकी संगठन जेएमबी मिलकर पिछले कुछ वर्षों से भारतीय उपमहाद्वीप (विशेष रूप से भारत एवं बांग्लादेश) में गजवा-ए-हिन्द का सपना बुन रहे हैं।

सूचना के आधार पर अलग-अलग विशेष टीमों का गठन कर तीन दिवसीय अभियान चलाया गया। इस अभियान के दौरान विभिन्न एजेंसियों और स्थानीय पुलिस के सहयोग सहारनपुर, शामली और हरिद्वार में छिपे हुए आठ आतंकियों को गिरफ्तार किया गया। इनमें सहारनपुर के गागलखेड़ी थाना क्षेत्र सैय्यद मजरा गांव निवासी लुकमान, मनोहरपुर निवासी कारी मुख्तार, देवबंद थाना क्षेत्र स्थित जाहीरपुर गांव निवासी कामिल व गागलखेड़ी थाना क्षेत्र स्थित कैलाशपुर निवासी मोहम्मद अलीम, शामली के झिंझाना थाना क्षेत्र स्थित नंगला नाई निवासी शहजाद, गिरिडीह झारखंड निवासी नवाजिश अंसारी, उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के नगल इमरती निवासी मुदस्सिर और बांग्लादेशी नागरिक अलीनूर को गिरफ्तार किया गया।

अलीनूर, मुदस्सिर व कामिल को रुपैडीहा (नेपाल) से सटी भारतीय सीमा में पकड़ा गया, जबकि नवाजिश अंसारी को सहारनपुर से गिरफ्तार किया गया। बांग्लादेशी अलीनूर असोम के ग्वालपाड़ा के मदरसे में शिक्षक रहा है। बाद में वह सलेमपुर (हरिद्वार) में छिपकर रह रहा था। इन आतंकियों के कब्जे से मोबाइल फोन, जिहादी किताबें, आतंकी कंटेंट से भरी पेन ड्राइव व मेमोरी कार्ड बरामद हुए हैं।

मदरसों में मजबूत कर रहे थे गजवा-ए-हिन्द की जड़ें

एटीएस की ओर से बताया कि पकड़े गए ये आतंकी भारत में अवैध घुसपैठ कर सबसे पहले सीमावर्ती राज्यों पश्चिम बंगाल व असोम में कट्टरपंथी विचारधारा वाले व्यक्तियों को जोड़कर वहां के मदरसों में अपनी जड़ें मजूबत कर रहे थे। इसके लिए अलीनूर असोम मदरसों में शिक्षक बनकर माइंड वॉश करने का काम करता था और जेहादी सीख दे रहा था।

जकात के नाम पर जुटा रहे थे टेरर फंड

पूछताछ में पता चला है कि पकड़े गए आतंकी यूपी, बिहार, मध्य प्रदेश व उत्तराखंड में कट्टरपंथी विचारधारा वालों के सहयोग से जकात के नाम पर टेरर फंड जुटाने में लगे हुए थे। पुलिस व सुरक्षा एजेंसियों से बचने के लिए ये आतंकी कुछ खास मोबाइल एप इस्तेमाल कर रहे थे। संगठन से जो नए लोग जुड़ते थे उन्हें भी बातचीत करने के लिए इसी एप और एक विशेष कोडवर्ड डिक्शनरी का प्रशिक्षण दिया जाता था। ये आतंकी पिछले कई दिनों से सक्रिय थे। पर एप के कारण इनकी लोकेशन नहीं मिल पा रही थी।

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