पीलीभीत: देवीपुरा गोशाला में धूप और बारिश से गोवंश को मिलेगी निजात, टिनशेड बनवा रहा गौरधाम परिवार
पीलीभीत, अमृत विचार। कई दशकों से बदहाली का शिकार हो रही देवीपुरा गोशाला में आश्रित गोवंशीय पशुओं को राहत देने के लिए अब गौर धाम परिवार गौ सेवक बनकर आगे आया है। गोवंशीय पशुओं की सहुलियत के लिए लाखों रुपये की लागत से एक टिनशेड का निर्माण कराया जा रहा है। निर्माण कार्य तेजी से …
पीलीभीत, अमृत विचार। कई दशकों से बदहाली का शिकार हो रही देवीपुरा गोशाला में आश्रित गोवंशीय पशुओं को राहत देने के लिए अब गौर धाम परिवार गौ सेवक बनकर आगे आया है। गोवंशीय पशुओं की सहुलियत के लिए लाखों रुपये की लागत से एक टिनशेड का निर्माण कराया जा रहा है। निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है, जिसके जल्द पूरा होने के बाद इसमें एक साथ 100 गोवंश रखे जा सकेंगे।
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शहर से पांच किलोमीटर की दूरी पर स्थित देवीपुरा गोशाला लंबे समय से बदहाली का शिकार है। यहां पर क्षमता से अधिक पशु आश्रित हैं। खानपान को लेकर भी अक्सर व्यवस्थाओं पर सवाल उठते आए हैं। एक समय था जब यह गोशाला जनपद ही नहीं मंडल स्तर के गोवंशीय पशुओं के लिए भी बेहतर आश्रय स्थल रही। मगर, सिस्टम की अनदेखी की मार से अव्यवस्थाएं बढ़ती चली गई। पिछले साल तत्कालीन जिलाधिकारी पुलकित खरे ने गोशाला की सूरत बदलने के लिए जरुर प्रयास किए और काम कराए। उसके बाद भी कमियों को पूरी तरह से दूर नहीं किया जा सका।
इस गोशाला में सेवा के नाम पर तमाम लोग जुड़े, लेकिन कही न कहीं उनके नाम भी विवादों में ही घिर गए और फिर वह दोबारा दिखाई ही नहीं दिए। पिछले कुछ समय से शहर के मोहल्ला साहूकारा स्थित चैतन्य महाप्रभु मंदिर गौर धाम मंदिर से जुड़े सदस्य इस गोशाला में सेवा को पहुंच रहे है। हरा चारा समेत गोवंशीय का पेट भरने के लिए भी कई बार मदद पहुंचाई। इस गोशाला के माध्यम से गोसेवा की मुहिम छेड़ी है।
एक इमरजेंसी वार्ड, लोहे के गेट आदि लगवाए गए। पानी का बोरिंग, पंखे बल्ब की भी व्यवस्था कराई जा चुकी है। अब इस गोशाला में 100 गोवंशीय की क्षमता का एक टिनशेड बनवाया जा रहा है, जिसकी लागत करीब पांच लाख रुपये आकलन की गई है। इस टिनशेड के बनने से धूप और बारिश के मौसम में गोवंशीय पशुओं को राहत मिलेगी। गौर धाम परिवार के दीपू अग्रवाल ने बताया कि गोसेवा मुहिम गौर धाम परिवार की तरफ से देवीपुरा गोशाला से शुरू की गई है। सब कार्य ठाकुर जी के नाम से चल रहा है। हमारा उद्देश्य सामाजिक कार्य और गोसेवा से सभी को जोड़ना है।
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