लखीमपुर से बाढ़ में बहकर आए मवेशी बहराइच में मृत मिले, लेखपाल ने गांव पहुंचकर किया सर्वे
बहराइच। बाढ़ का पानी कम होने के साथ ही अब अपना रूप दिखाने लगी है। लखीमपुर में बाढ़ के पानी में बहे मवेशी बहराइच के गांव में मिले हैं। इस पर राजस्व कर्मी ने गांव पहुंचकर ग्रामीणों के बयान दर्ज किया है। मवेशियों की संख्या 40 के आसपास बताई जा रही है। इस बार बाढ़ …
बहराइच। बाढ़ का पानी कम होने के साथ ही अब अपना रूप दिखाने लगी है। लखीमपुर में बाढ़ के पानी में बहे मवेशी बहराइच के गांव में मिले हैं। इस पर राजस्व कर्मी ने गांव पहुंचकर ग्रामीणों के बयान दर्ज किया है। मवेशियों की संख्या 40 के आसपास बताई जा रही है। इस बार बाढ़ ने जमकर तबाही मचाई है। बाढ़ ने जनपद के चार तहसील में कई मकानों को धराशाई किया है।
वहीं लखीमपुर जनपद के धौरहरा तहसील में भी बाढ़ आई है। तहसील के गांवों में बरसात के दौरान घाघरा नदी में आई बाढ़ में बहे मवेशियो के 40 शव पड़ोसी जनपद बहराइच के त्रिमुहानी और सेमरी मोहन गांव में मिलने की सूचना मिली है। सूचना पाकर कानूनगो व लेखपाल ने पुष्टि कर मृतक मवेशी ईसानगर क्षेत्र के कैरातीपुरवा के लोगो के होने की आशंका व्यक्त की है।
हल्का लेखपाल योगेश कुमार व कानूनगो सुधीर कुमार श्रीवास्तव कैरातीपुरवा पहुचकर रत्ती लाल, केशवराम , आत्माराम, रामकुमार , राधेश्याम , राम लखन समेत अन्य किसानों से बात की जिन किसानों की चालीस भैंसें घाघरा नदी में आई बाढ़ के पानी में डूबकर बह गई थी।
इस बाबत में राजस्व निरीक्षक सुधीर कुमार श्रीवास्तव व लेखपाल योगेश कुमार भार्गव ने मौका मुआयना कर बताया कि जानवर धौरहरा तहसील के कैरातिपुरवा गांव के लोगो के हो सकते है जो बाढ़ के दौरान नदी में बह गए थे। फिलहाल अभी यह पुष्टि नहीं हुई कि मृतक जानवर किस किस के है। बहराइच के तहसील प्रशासन को भी सूचना दी गई है।
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