बैंक में सेंधमारी : खाते से ट्रांसफर होने लगे 150 करोड़ रूपये

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Edited By Amrit Vichar
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अमृत विचार, लखनऊ। राजधानी में साइबर ठगों का नेटवर्क दिन प्रतिदिन बेहद मजबूत होता जा रहा है। साइबर अपराध से जुड़ी घटना ने सभी को हैरत में डाला दिया है। हजरतगंज थानाक्षेत्र अन्तर्गत जिलाधिकारी आवास के पास स्थित सहकारी बैंक के खातों से जालसाजों ने लगभग 150 करोड की रकम पार कर दी। साइबर फ्रॉड …

अमृत विचार, लखनऊ। राजधानी में साइबर ठगों का नेटवर्क दिन प्रतिदिन बेहद मजबूत होता जा रहा है। साइबर अपराध से जुड़ी घटना ने सभी को हैरत में डाला दिया है। हजरतगंज थानाक्षेत्र अन्तर्गत जिलाधिकारी आवास के पास स्थित सहकारी बैंक के खातों से जालसाजों ने लगभग 150 करोड की रकम पार कर दी।

साइबर फ्रॉड की भनक लगते ही बैंक के शाखा प्रबन्धक ने पुलिस को सूचित किया। हालांकि स्पेशल टास्क फोर्स की टीम मामले की तफ्तीश करने में जुट गई है। जिसके बाद शाखा प्रबंधक ने साइबर क्राइम मुख्यालय को तहरीर दी है। शक के आधार पर पुलिस ने एक बैंककर्मी को उठाया है।

सूत्रों की मानें तो सहकारी बैंक की हजरतगंज शाखा में सोमवार दोपहर करीब दो बजे अचानक बैंक का रुपया अन्य खातों और फर्मों में ट्रांसफर होने लगा। यह देखकर शाखा प्रबंधक हैरत में पड़ गए। आनन-फानन शाखा प्रबन्धक ने स्थानीय पुलिस से सम्पर्क किया। पुलिस की मौजूदगी में उन सभी बैंक खातों को फ्रीज करवा दिया, जिसमें रुपये ट्रांसफर हुए थे।

पुलिस के मुताबिक, सहकारी बैंक में मेगा सॉफ्टवेयर से ईजी सॉफ्टवेयर बना हुआ है, जिसमें यूजर आईडी बनाई गई है। सभी कर्मचारियों के पास इसका एक्सेस नहीं है। हालांकि, एडमिन एक्सेस सिर्फ बैंक के प्रबंधक और कैशियर के पास है।

पुलिस को शक एक पूर्व कर्मचारी के ऊपर है, जो बैंक में आते हुये पड़े। वह बैंक में लगे एक सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दे रहे हैं। पुलिस गहनता से पड़ताल में जुट चुकी है कि यूजर आईडी-पासवर्ड प्रबंधक और कैशियर के पास रहते हुए भी कैसे उसको हैक किया गया और उसके बाद कैसे पैसा दूसरी फर्मों के नाम ट्रांसफर किया गया?

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