सेना: डीएससी की भर्ती में लगा दिए कूटरचित दस्तावेज, एफआईआर दर्ज, जांच शुरू
लखनऊ। भारतीय सेना में रेजिमेंटल सेंटर में रक्षा सुरक्षा कोर (डीएससी) की भर्ती में कूटरचित अभिलेख लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई हुई है। इस संबंध में सेना की ओर से अयोध्या कैंट में मुकदमा भी दर्ज कराय गया है। मामले की जानकारी मिलते ही लखनऊ मध्यकमान प्रवक्ता शांतनु प्रताप सिंह ने बताया कि एजेंसियों की …
लखनऊ। भारतीय सेना में रेजिमेंटल सेंटर में रक्षा सुरक्षा कोर (डीएससी) की भर्ती में कूटरचित अभिलेख लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई हुई है। इस संबंध में सेना की ओर से अयोध्या कैंट में मुकदमा भी दर्ज कराय गया है। मामले की जानकारी मिलते ही लखनऊ मध्यकमान प्रवक्ता शांतनु प्रताप सिंह ने बताया कि एजेंसियों की सक्रिय कार्रवाई के आधार पर, अयोध्या (यूपी) के एक रेजिमेंटल सेंटर में रक्षा सुरक्षा कोर (डीएससी) की भर्ती में मेडिकल स्क्रीनिंग के दौरान कथित कदाचार का मामला सामने आया है।
इसमें शामिल लोगों के खिलाफ जांच और अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने के लिए तत्काल आदेश दिए गये हैं। उन्होंने अमृत विचार से बातचीत में कहा कि भविष्य में इस तरह की धोखाधड़ी न होने पाये इसके लिए पहले से और सख्त नियम लागू करने के लिए अधिकारियों ने निर्णय लिया है।
आरोपियों की संख्या अभी स्पष्ट नहीं
इस मामले में सेना की ओर से भी जांच की जा रही है, गैंग में कितने लोग शामिल हैं इस पर अभी कुछ स्पष्ट नहीं है। लेकिन सेना प्रवक्ता की ओर से बताया गया कि जो भी दोषी पाये जायेंगे उनके खिलाफ नामजद एफआईआर कराई जायेगी। अगर जरूरत पड़ी तो लखनऊ से भी टीम भेजी जायेगी।
डीएससी की भर्ती के ये हैं मानक
सैन्य अधिकारियों के मुताबिक सभी पूर्व सैनिकों की आयु (सैनिक क्लर्कों को छोड़कर) सेना भर्ती कार्यालय अथवा भर्ती एजेंसियों में शारीरिक और मेडिकल परीक्षण के लिए रिपोर्टिंग की तारीख को 48 वर्ष से कम होनी चाहिए। वहीं भूतपूर्व सैनिक क्लर्क: भूतपूर्व सैनिक क्लर्कों की डीएससी में फिर से नामांकन के लिए अधिकतम आयु 50 वर्ष से कम है। लेकिन दस्तावेजों क जांच में सही नहीं पाया गया है।
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