अयोध्या: लेटलतीफी में सरकारी खजाने को लग गई सवा तीन करोड़ की चपत

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अमृत विचार,अयोध्या। उच्च कौशल के चालकों को तैयार करने तथा मार्ग दुर्घटनाओं को रोकने की योजना के तहत केंद्र सरकार की ओर से देश में स्वचालित ट्रैक युक्त ड्राइविंग टेस्टिंग ऐंड ट्रेनिंग सेंटर के निर्माण का निर्णय लिया गया था। इसी निर्णय के तहत वर्ष 2019 के जुलाई माह में राजकीय आईटीआई के उदया चौराहे …

अमृत विचार,अयोध्या। उच्च कौशल के चालकों को तैयार करने तथा मार्ग दुर्घटनाओं को रोकने की योजना के तहत केंद्र सरकार की ओर से देश में स्वचालित ट्रैक युक्त ड्राइविंग टेस्टिंग ऐंड ट्रेनिंग सेंटर के निर्माण का निर्णय लिया गया था। इसी निर्णय के तहत वर्ष 2019 के जुलाई माह में राजकीय आईटीआई के उदया चौराहे के निकट मुख्य मार्ग से सटी जमीन पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की घोषणा के अंतर्गत ड्राइविंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट का निर्माण शुरू हुआ था। निर्माण का जिम्मा उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम लिमिटेड की अयोध्या इकाई को सौंपा गया था। शासन के निर्देश पर 50 लाख से ज्यादा निर्माण लागत की विभिन्न परियोजनाओं की अनवरत समीक्षा के बावजूद यह महत्वाकांक्षी योजना लेटलतीफी का शिकार हो गई। जिसके चलते सरकारी खजाने को सवा तीन करोड़  से ज्यादा की चपत लग गई। फ़िलहाल देर से सही अब जाकर पूर्ण हुई इस परियोजना की दीपोत्सव में लोकार्पण की तैयारी है।

गौरतलब कि पिछली मोदी सरकार में परिवहन विभाग से जुडी सेवाओं को सुलभ और अत्याधुनिक बनाने के लिए केंद्रीय परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के मंत्री नितिन गडकरी की ओर से देश में चरणबद्ध ढंग से मोटर ड्राइविंग ट्रेनिंग एन्ड टेस्टिंग सेंटर स्थापना के लिये योजना लाई गई थी। योजना के तहत सरकारी के अलावा निजी सहभागिता पर इन केंद्रों का निर्माण पहले चरण में प्रदेश के सभी मंडल मुख्यालयों और दूसरे चरण में जिला मुख्यालयों पर कराया जाना था। निर्मित कराये जाने वाले इन केंद्रों में स्वचालित ट्रैक की स्थापना के अलावा 24 कौशल पर परीक्षण की व्यवस्था होनी थी। परीक्षण के लिए एस आकार का ट्रैक और 8 के आकार के मोड़ बनने थे। मंत्रालय ने कुल 10 परीक्षा पैटर्न तय किया है। जिसमें चार पहिया वाहनो के लिए 7 और दो पहिया वाहनों में 3 पैटर्न पर परीक्षण तय किया गया है।
अयोध्या मंडल मुख्यालय पर आईटीआई की जमीन पर जुलाई 2019 में राजकीय निर्माण निगम लिमिटेड की अयोध्या इकाई ने 5 करोड़ 23 लाख 95 हजार की लागत से निर्माण शुरू कराया था। शासन और विभाग के साथ कार्यदाई संस्था निर्माण निगम को एक साल जुलाई 2020 में कार्य को पूरा कराने का अनुबंध हुआ था। निर्माण परियोजनाओं में लेटलतीफी और अनियमितता को लेकर प्रदेश की योगी सरकार में जिला, मंडल और शासन स्तर पर प्रचलित परियोजनाओं की प्रगति आदि की अनवरत मानिटरिंग के बावजूद केंद्र और प्रदेश सरकार की यह महत्वाकांक्षी परियोजना लेटलतीफी का शिकार हो गई। जो कार्य 1 साल के भीतर पूरा हो जाना चाहिए था उसे पूरा होने में 3 साल से ज्यादा का समय ही नही लगा,बल्कि परियोजना की लागत भी एक तिहाई बढ़ गई। ड्राइविंग ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट 8 करोड़ 56 लाख 84 हजार की लागत से कंप्लीट हो पाया है। लेटलतीफी के चलते इस अकेले एक परियोजना में सरकारी खजाने को 3 करोड़ 32 लाख 89 हजार रुपये की चपत लग गई

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