बरेली: बिजली कटौती से घर में रुकना मुश्किल, बाहर कोरोना का डर
बरेली,अमृत विचार। जिले में कोरोना के लगातार बढ़ते प्रकोप से लोग घरों में कैद हैं। मगर बिजली की लगातार हो रही कटौती ने घर में रुकना मुश्किल कर दिया है। ऐसे में लोग जब बाहर जाते हैं तो कोरोना संक्रमण का खतरा सताता है। घर के अंदर बिजली कटौती से हो रही गर्मी में रुकना …
बरेली,अमृत विचार। जिले में कोरोना के लगातार बढ़ते प्रकोप से लोग घरों में कैद हैं। मगर बिजली की लगातार हो रही कटौती ने घर में रुकना मुश्किल कर दिया है। ऐसे में लोग जब बाहर जाते हैं तो कोरोना संक्रमण का खतरा सताता है। घर के अंदर बिजली कटौती से हो रही गर्मी में रुकना मुश्किल हो गया है। लगातार हो रही बिजली कटौती से लोगों का बिजली विभाग के खिलाफ आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
सरकार के 24 घंटे बिजली देने के दावे की जिले के बिजली अधिकारी हवा निकाले हुए हैं। शहर से लेकर देहात तक जमकर बिजली कटौती हो रही है। अघोषित बिजली कटौती होने से लोगों की दिनचर्या पर भी इसका असर पड़ रहा है। लोग दिन में घर के बाहर बैठ कर और रात में जाग कर समय काट रहे हैं। लोगों की शिकायत बिजली अधिकारियों के पास पहुंचने के बाद भी बिजली कटौती का होना आम हो गया है।
गुरुवार को शहर के जगतपुर, सुभाषनगर, करगैना, प्रेमनगर, चौपला, कालीबाड़ी, बारदरी, सीबीगंज, हरुनगला, सनसिटी, मुंशीनगर, डेलापीर समेत कई इलाकों में बिजली कटौती से लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। लोगों ने बिजली कटौती की वजह जानने के लिए जब अधिकारियों और कर्मचारियों को फोन किया तो किसी का फोन रिसीव नहीं हुआ।
कई इलाकों में रातभर गुल रही बिजली
जैसे ही गर्मी का पारा चढ़ा तो बिजली ने भी अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया। बुधवार रात तो मुंशीनगर, कर्मचारी नगर, सीबीगंज के कई इलाके, मढ़ीनाथ, करगैना के अलावा देहात में बिजली व्यवस्था पटरी से उतर गई है। रात में कई घण्टे कटौती होने से लोगों की नींद खराब हो रही है।
“गर्मी ज्यादा होने की बजह से ट्रान्सफार्मर में लोड बढ़ने से लोकल फाल्ट की समस्या बढ़ गयी है। सूचना मिलने पर तत्काल ही कर्मचारी को भेजकर फाल्ट को ठीक कराया जाता है।” -नन्द किशोर मिश्र, अधीक्षण अभियंता शहर
