यूपी परिवहन निगम के 24 बस स्टेशनों पर मिलेगी एयरपोर्ट जैसी हाईटेक सुविधाएं-दयाशंकर सिंह

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अमृत विचार लखनऊ । राज्य सड़क परिवहन निगम के तहत संचालित रोडवेज के 24 बस स्टेशनों पर आने वाले दिनों में एयरपोर्ट जैसी हाईटेक सुविधाएं मिलने लगेंगी । पहले चरण में प्रदेश के 16 जिलों के चौबीस बस अड्डों को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी मॉडल )पर तेजी से विकसित किया जायेगा । यह जानकारी देते …

अमृत विचार लखनऊ । राज्य सड़क परिवहन निगम के तहत संचालित रोडवेज के 24 बस स्टेशनों पर आने वाले दिनों में एयरपोर्ट जैसी हाईटेक सुविधाएं मिलने लगेंगी । पहले चरण में प्रदेश के 16 जिलों के चौबीस बस अड्डों को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी मॉडल )पर तेजी से विकसित किया जायेगा । यह जानकारी देते हुये परिवहन मंत्री स्वतंत्र प्रभार दयाशंकर सिंह ने बताया कि प्रदेश के परिवहन यात्रियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की हाईटेक सुविधाएं देने के लिए प्रदेश सरकार पूरी तरह तत्पर है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का प्रयास है कि यात्रियों को बेहतर से बेहतर सुविधाएं मिले जिससे उनकी यात्रा सुगम व आरामदायक हो।

परिवहन मंत्री ने बताया कि प्रदेश के सोलर जिलो में 24 बस अड्डों को अत्याधुनिक बनाने के लिए अक्टूबर के प्रथम सप्ताह में टेंडर जारी कर दिये जायेंगे । जल्द ही प्रक्रिया पूरी कर तेजी से इसका कार्य शुरु हो जायेगा । आगामी एक वर्ष में यह कार्य पूरा कर यात्रियों को अत्याधुनिक सुविधाओं की सौगात दी जायेगी । इन बस स्टेशनों पर अंतरराष्ट्रीय स्तर की यात्री सुविधाएं उपलब्ध होंगी। यहां आने वाले यात्रियों के खाने-पीने से लेकर वेटिंग रूम, रेस्ट रूम समेत तमाम अनेक हाइटेक सुविधाएं एक छत के नीचे मिलेंगी ।

प्रदेश सरकार यात्रियों के आवागमन को सुगम बनाने के लिए प्रयासरत है। इसके लिए रोडवेज की हाईटेक बसों की संख्या भी बढ़ाई जा रही है। काफी संख्या में एसी बसों का संचालन किया जा रहा है। ई-टिकटिंग को प्रोत्साहित किया जा रहा है। बस अड्डों का सुनियोजित विकास भी इसी दिशा में उठाया गया कदम है।

वहीं राज्य सड़क परिवहन निगम के एमडी संजय कुमार ने बताया कि बस अड्डों को अंतरराष्ट्रीय सुविधाओं से लैस करने के लिए पीपीपी मॉडल के तहत पूरी प्लानिंग कर ली गई है। अक्टूबर में प्रथम चरण के तहत 16 जनपदों में 24 अड्डों को चिन्हित कर उन्हें विकसित करने के लिए टेंडर जारी कर दिए जाएंगे। इस प्रक्रिया के दूसरे चरण में 35 बस अड्डों को चुना जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप यह कदम उठाया जा रहा है, ताकि विभिन्न गंतव्यों की ओर जाने वाले यात्रियों को एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं प्रदान की जा सकें।

मॉल की तरह होंगे विकसित,मेंटीनेंस के लिए 35 साल की अवधि तय
इस प्रक्रिया के तहत परिवहन निगम बस अड्डों के लिए सिर्फ जमीन मुहैया कराएगा। उस पर प्राइवेट पार्टी बस स्टेशन बनाकर देगी। कुछ वर्षों तक यह बस अड्डे प्राइवेट पार्टी के पास लीज पर रहेंगे जबकि मेंटीनेंस का जिम्मेदारी भी पूरी तरह प्राइवेट पार्टी का रहेगा। परिवहन निगम ने मेंटीनेंस के लिए 35 साल की अवधि तय की है। इसे यात्रियों की मांग के अनुसार आगे बढ़ाया जा सकता है। बस अड्डे का 70 प्रतिशत एरिया खुला रहेगा, जहां बसों का संचालन होगा। सिर्फ 30 प्रतिशत हिस्से पर ही भवन का निर्माण होगा। इन भवनों को मॉल की तरह विकसित किया जाएगा। यहां यात्रियों के लिए सभी सुविधाएं मिलेगी ।

तमाम फूड रिटेल चेन यहां मौजूद रहेंगे। खाने-पीने के साथ ही अन्य बड़ी खरीदारी की दुकानें भी रहेंगी। एस्केलेटर, लिफ्ट समेत तमाम अन्य सुविधाओं से इसे सुसज्जित किया जाएगा। इस योजना के तहत प्रदेश सरकार के राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी। पीपीपी मॉडल के तहत सरकार को सिर्फ जमीन मुहैया करानी है। यात्री सुविधाओं के लिए निर्माण से लेकर बाकी सभी जरूरी चीजों का प्रबंध व खर्च प्राइवेट पार्टी को करना होगा। जमीन पर भी सरकार को 1 प्रतिशत डीएम सर्किल रेट के तहत लाभ मिलेगा। इसमें हर 3 साल में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी।

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