लखनऊ: निलंबित एसपी मणिलाल पाटीदार की पुलिस कस्टडी रिमांड मंजूर
लखनऊ, अमृत विचार। महोबा के क्रेशर व्यवसायी इंद्रकांत त्रिपाठी की रहस्यमय परिस्थितियों में मौत व रिश्वतखोरी के मामले में विवेचक के अनुरोध पर महोबा के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक मणिलाल पाटीदार को विशेष न्यायाधीश लोकेश वरुण ने एक दिन के लिए पुलिस कस्टडी रिमांड पर दिए जाने का आदेश दिया है। पुलिस कस्टडी रिमांड अवधि 29 …
लखनऊ, अमृत विचार। महोबा के क्रेशर व्यवसायी इंद्रकांत त्रिपाठी की रहस्यमय परिस्थितियों में मौत व रिश्वतखोरी के मामले में विवेचक के अनुरोध पर महोबा के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक मणिलाल पाटीदार को विशेष न्यायाधीश लोकेश वरुण ने एक दिन के लिए पुलिस कस्टडी रिमांड पर दिए जाने का आदेश दिया है। पुलिस कस्टडी रिमांड अवधि 29 अक्टूबर की शाम छह बजे से 30 अक्टूबर की शाम छह बजे तक प्रभावी होगी।
कोर्ट में विवेचक सतीश चंद्र पुलिस अधीक्षक (अपराध) प्रयागराज की ओर से दी गई अर्जी पर सरकारी वकील एमके सिंह ने बताया कि मणिलाल पाटीदार ने 15 अक्टूबर 2022 को न्यायालय के समक्ष आत्मसमर्पण किया था। जिसके बाद उसे जेल भेज दिया गया था। बताया गया है कि जेल में न्यायालय की अनुमति पर विवेचक द्वारा आरोपी का बयान लिया गया जिसमें उसने घटना में प्रयोग किए गए मोबाइल फोन को सरकारी मकान के पीछे जमीन के अंदर कहीं छिपाने का कथन किया है।
यह भी कहा गया है कि आरोपी ने आश्वासन दिया है कि वह छिपाने के स्थान को स्वयं जानता है तथा उस मोबाइल फोन को बरामद करा सकता है जिसके माध्यम से भेजे गए वीडियो क्लिप आदि मोबाइल में मौजूद हैं। अदालत ने आरोपी मणिलाल पाटीदार को एक दिन के लिए पुलिस कस्टडी रिमांड पर दिए जाने का आदेश देते हुए कहा है कि अभियुक्त को पुलिस कस्टडी रिमांड में लेने के पहले व कारागार में दाखिल किए जाने के समय उसका चिकित्सीय परीक्षण कराया जाएगा तथा उसके साथ इस दौरान मारपीट व प्रताड़ना नहीं की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि मृतक क्रेशर व्यवसायी ने एक वीडियो जारी किया था। इस वीडियो में उसने तत्कालीन पुलिस अधीक्षक मणिलाल पाटीदार द्वारा अपनी हत्या किए जाने की आशंका जाहिर की थी। इस वीडियो के वायरल होने के दूसरे दिन इंद्रकांत त्रिपाठी को संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लग गई और कानपुर के एक अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। इस मामले की रिपोर्ट मृतक इंद्रकांत त्रिपाठी के भाई रविकांत त्रिपाठी ने 11 सितंबर 2020 को महोबा के कबरई थाने में दर्ज कराई थी।
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