अयोध्या: जनवरी में रनवे, मार्च तक पूरा होगा टर्मिनल निर्माण
अयोध्या, अमृत विचार। आयुक्त सभागार में अयोध्या विजन 2047 की समीक्षा के दौरान मंडलायुक्त नवदीप रिनवा ने विकास कार्यों की गहन समीक्षा की। मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम एयरपोर्ट अथारिटी के पदाधिकारियों ने बताया कि रनवे के फेज-1 का कार्य जनवरी 2023 के प्रथम सप्ताह में समाप्त हो जायेगा। टर्मिनल का कार्य मार्च 2023 तक पूर्ण कर …
अयोध्या, अमृत विचार। आयुक्त सभागार में अयोध्या विजन 2047 की समीक्षा के दौरान मंडलायुक्त नवदीप रिनवा ने विकास कार्यों की गहन समीक्षा की। मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम एयरपोर्ट अथारिटी के पदाधिकारियों ने बताया कि रनवे के फेज-1 का कार्य जनवरी 2023 के प्रथम सप्ताह में समाप्त हो जायेगा। टर्मिनल का कार्य मार्च 2023 तक पूर्ण कर लिया जायेगा। मंडलायुक्त ने कहा कि एयरपोर्ट के निर्माण में हॉलिस्टिक अप्रोच के साथ कार्य किया जाय और स्टीमेट को रिवाइज कर कोई अन्य डिमांड न की जाय तथा निर्माण कार्य को समय पर पूर्ण करना सुनिश्चित करें।
मंडलायुक्त द्वारा श्रीराम जन्मभूमि के पास पहुंचने वाले मार्ग यथा-रामपथ, भक्ति पथ व जन्मभूमि पथ मार्ग की भी समीक्षा की गयी। बैठक में लोक निर्माण विभाग, निर्माण खंड 4 के अधिशाषी अभियन्ता द्वारा बैठक में पूर्ण रूप से तैयारी न करके आने पर व अपने कार्यों में शिथिलता बरतने पर मंडलायुक्त द्वारा रोष व्यक्त करते हुये कहा कि संबंधित अधिकारी बैठक में तैयारी के साथ आएं।
विभागीय अधिकारी व कार्यदायी संस्था यथा-विद्युत, जल निगम, नगर निगम आदि श्रीराम जन्मभूमि न्यास के साथ स्थापित करते हुये कार्य को पूर्ण जिम्मेदारी के साथ कार्य करें। बैठक में जिलाधिकारी नितीश कुमार के अतिरिक्त मुख्य विकास अधिकारी अनिता यादव, अपर जिलाधिकारीगण, विभिन्न विभागों के मुख्य अभियन्ता, अधिशाषी अभियन्ता एवं एक दर्जन से ज्यादा कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया।
उदाहरण देकर अफसरों की लगाई क्लास
मंडलायुक्त श्री रिनवा ने समीक्षा के दौरान उदाहरण देते हुये बताया कि विगत दिनों में हनुमानगढ़ी मुख्य मार्ग पर एक पेड़ टूटकर गिर गया था, जिसकी जानकारी मुझे हुई तो प्रात: लगभग 7 बजे मेरे द्वारा मुख्य वन संरक्षक को अवगत कराया गया कि तत्काल पेड़ को हटवाया जाय क्योंकि इससे यातायात प्रभावित हो रहा है। इस सब कार्रवाई में लगभग घंटों तक यातायात व्यवस्था प्रभावित रहा। अगर नगर निगम, लोक निर्माण विभाग आदि द्वारा समय से सूचना वन विभाग को देकर कार्रवाई की गयी होती तो इतनी देर तक श्रद्वालुओं को समस्या न होती इसलिए सभी विभागीय अधिकारी किसी भी प्रकार का टाल मटोल न करें।
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