हमीरपुर समानांतर हाईवे के अलाइनमेंट में भू उपयोग परिवर्तन पर रोक, एनएचएआई ने लिखा डीएम को पत्र
राजेश सिंह, हमीरपुर/ कानपुर। रमईपुर से हमीरपुर होते हुए कबरई तक प्रस्तावित फोर लेन समानांतर हाईवे जिन गांवों से होकर गुजरेगा वहां भू उपयोग परिवर्तन पर रोक लगा दी गई है। एनएचएआई के परियोजना निदेशक अमन रोहिल्ला के पत्र पर यह आदेश जारी किया गया है। इस परियोजना को राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की भूमि अधिग्रहण …
राजेश सिंह, हमीरपुर/ कानपुर। रमईपुर से हमीरपुर होते हुए कबरई तक प्रस्तावित फोर लेन समानांतर हाईवे जिन गांवों से होकर गुजरेगा वहां भू उपयोग परिवर्तन पर रोक लगा दी गई है। एनएचएआई के परियोजना निदेशक अमन रोहिल्ला के पत्र पर यह आदेश जारी किया गया है। इस परियोजना को राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की भूमि अधिग्रहण समिति ने प्राथमिक मंजूरी दे दी है।
फाइनल मंजूरी बहुत ही जल्द मिल जाएगी। इसके बाद भूमि अधिग्रहण के लिए अधिसूचना जारी हो जाएगी। इस प्रोजेक्ट के मूर्त रूप लेने से लखनऊ – कानपुर से हमीरपुर होते हुए छतरपुर के रास्ते भोपाल तक आवागमन आसान हो जाएगा। कानपुर, फतेहपुर, हमीरपुर व महोबा जनपदों की छह तहसीलों के 68 गांवों से होकर फोरलेन गुजरेगा। इसकी लंबाई 112 किमी है।
हमीपुर, कबरई से बड़े पैमाने पर गिट्टी, मौरंग कानपुर, लखनऊ, सीतापुर, गोंडा, बहराइच, अयोध्या, लखीमपुर आदि जिलों को भेजी जाती है। हर दिन 30 हजार से अधिक डंफर और ट्रक गिट्टी, मौरंग लेकर जाते हैं। हाईवे पर हर दिन दो लाख से अधिक वाहन गुजरते हैं। इस वजह से जाम लगता है। कई बार तो 15 से 20 घंटे तक यमुना पुल पर ही जाम लग जाता है इससे लोगों को काफी परेशानी होती है। वर्तमान हाईवे टू लेन है। इस वजह से भी जाम लगता है। इस समस्या के समाधान के लिए ही फोर लेन समानांतर हाईवे की योजना बनाई गई।
पिछले साल परियोजना को मंजूरी के लिए भूमि अधिग्रहण समिति के पास भेजा गया था। समिति ने सितंबर में प्राथमिक मंजूरी दे दी। इसी के बाद परियोजना निदेशक अमन रोहिल्ला ने डीएम हमीरपुर, कानपुर, नगर, फतेहपुर, को पत्र लिखकर उन गांवों में भू उपयोग परिवर्तन, भवन निर्माण, पौधारोपण आदि कार्यों पर रोक लगाने के लिए आग्रह किया है। कहा है कि जल्द ही भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होनी है। ऐसे में राजस्व की हानि प्राधिकरण को न हो इसलिए इन कार्यों पर रोक लगाई जाए। परियोजना निदेशक ने जिलाधिकारियों को अलाइनमेंट के अनुसार गांवों की सूची भी भेजी है।
ऐसे बनेगा हाईवे
कानपुर में रमईपुर से प्रस्तावित रिंग रोड से शुरू होगा। कानपुर से हमीरपुर की ओर आ रहे हाईवे के दाहिनी ओर बनेगा। रमईपुर से वर्तमान हाईवे तक 1.7 किमी लंबी सड़क बनाने की योजना थी ताकि दोनों हाईवे एक दूसरे से लिंक हो जाएं। 37 सौ करोड़ रुपये से यह हाईवे बनेगा। दो हजार करोड़ रुपये भूमि अधिग्रहण पर खर्च होगा। 700 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाना है। पहले 120 किलोमीटर लंबाई थी इस हाईवे की।
तब यह नौबस्ता से बनना था बाद में इसे रमईपुर से बनाने का निर्णय लिया गया। यह फोरलेन बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे को पार कर कबरई तक बनेगा। पत्योरा निवासी अनंता सिंह ने कहा उनके गांव से हाईवे निकलेगा। कहते हैं उनके अब लोग उनके गांव को बीहड़ नहीं कहेंगे। कहते हैं हाईवे निकलने की जैसे ही लोगों को जानकारी लगी है। हमीरपुर में 25 गांवों से यह गुजरेगा।
चार बड़े और छह छोटे पुल बनाए जाएंगे
इस हाईवे को बनाने के लिए चार बड़े, छह छोटे पुल बनेंगे। साथ ही चार फ्लाईओवर और एक रेलवे ओवरब्रिज होगा। कुल 21 अंडरपास बनाए जाएंगे, ताकि लोगों को हाईवे क्रॉस करने में आसानी हो।
बुदेलखंड के इन गांवों से होकर गुजरेगा हाईवे
जनपद में सदर और मौदहा तहसील के पत्योरा डांडा, जलाला, गहतौली, टेढ़ा, इसौली, पंधरी, पारा, भौनिया, चंदपुरवा बुजुर्ग, अरतरा, मौदहा, छिमौली, करहिया, रीवन, अकोना, रतवा व जनपद महोबा के खन्ना, बरम्हौली, कहरा, रिवई, सुनैचा, कैमाहा, बहिंगा, बीला उत्तर, बघवा व कबरई को जोड़ेगा।
• 112 किलोमीटर लंबा समानांतर हाईवे होगा
• 37 सौ करोड़ रुपये लागत है प्रोजेक्ट की
• 700 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाना है
इस हाईवे के निर्माण के लिए जल्द से जल्द भूमि अधिग्रहण शुरू कराने की तैयारी है। भूमि अधिग्रहण समिति से जल्द ही फाइनल मंजूरी भी मिल जाएगी। इस हाईवे के बन जाने से आवागमन पूरी तरह से बाधा रहित हो जाएगा …देवेंद्र सिंह भोले, सांसद।
इस परियोजना के लिए कई बार भूतल एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से बात की थी। कानपुर ही नहीं हमीरपुर के लोगों के लिए यह परियोजना किसी तोहफे से कम नहीं है। जल्द ही भूमि अधिग्रहण का काम शुरू होगा …सत्यदेव पचौरी, सांसद।
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