आगरा: 10 साल पुराने हत्या के मुकदमे में 14 दोषियों को आजीवन कारावास की सजा

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आगरा, अमृत विचार। जिले में साल 2012 में हुए हत्या और जानलेवा हमले में आगरा कोर्ट ने फैसला सुनाया है। अपर जिला जज नसीमा खातून ने यह फैसला सुनाया है, जिसमें 14 दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है और 4.44 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। ये मुकदमा साल 2012 …

आगरा, अमृत विचार। जिले में साल 2012 में हुए हत्या और जानलेवा हमले में आगरा कोर्ट ने फैसला सुनाया है। अपर जिला जज नसीमा खातून ने यह फैसला सुनाया है, जिसमें 14 दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है और 4.44 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।

ये मुकदमा साल 2012 में आगरा के थाना शमशाबाद में मुकदमा दर्ज किया गया था, जिसमे शमशाबाद गांव के रहने वाले शिवाराम वादी थे। शिवाराम ने आरोप लगाया था कि तीन नवंबर की रात को शिवाराम, उसका भाई नरोत्तम सिंह, भतीजा राम प्रकाश और भतीजा विरेंद्र अपने खेतों में बिजली का काम करवा रहे थे। तभी पड़ोसी लाल बहादुर अपना केंटर लेकर आ गया और खेत में हो रहा बिजली के काम को रोक दिया। जब इसका विरोध वादी ने किया तो लाल बहादुर ने अपने साथियों को बुला लिया और लाठी, डंडा सरिया से हमला कर दिया। विवाद इतना बड़ गया कि गोकुल सिंह नामक व्यक्ति ने शिवाराम के भतीजे राम प्रकाश को गोली मार दी, जिसमे वह गंभीर घायल हो गया और जगदीश की मौत हो गई।

मामले में थाना शमशाबाद में हत्या, जानलेवा हमला सहित अन्य धाराओं में मुकद्दमा दर्ज हुए था। मुकदमे के विचारण उपरांत पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता राजीव धाकरे ले तर्क के आधार पर अपर जिला जज नसीमा खातून ने आरोपियों को दोषियों मानते हुए आजीवन कारावास और अर्थ दंड से दंडित किया है।

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