दूषित कणों से शहर की हवा हो रही खराब, Kanpur का AQI पहुंचा 208, सांस के मरीज हो रहे लोग
कानपुर में 208 एक्यूआई रिकॉर्ड किया गया है। इससे शहर का प्रदूषण और खराब होता जा रहा है। वहीं, पर्यावरण प्रदूषित होने से लोगों को सांस लेने में दिक्कत भी हो रही है।
कानपुर, अमृत विचार। खस्ताहाल सड़कों की धूल, कचरे का जलना और गंदगी की भरमार लगातार शहर की हवा को बिगाड़ रही है। दूषित कणों से पर्यावरण प्रदूषित हो रहा है और लोगों को सांस लेने में दिक्कतें आनी शुरू हो गई है। आलम यह है कि आसपास के कई मंडल मुख्यालयों ने प्रदूषण पर लगाम लगा ली है, बावजूद इसके कानपुर के प्रदूषण अब भी 208 एक्यूआई रिकॉर्ड किया गया है जो कि खराब स्थिति को दर्शाता है।
दिल्ली की तरह ही शहर का प्रदूषण बेलगाम चल रहा है। इसकी बड़ी वजह सरकारी तंत्रों का युद्ध स्तर पर कोई ठोस कदम नहीं उठाना माना जा रहा है। वहीं आसपास के मंडल मुख्यालयों ने हवा को सुधारने में काफी सफलता दिखाई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार आगरा के प्रदूषण सौ से कम होने की वजह से संतोषजनक स्थिति में है। वहीं बरेली बरेली की भी यही स्थिति है।
झांसी का एक्यूआई डेढ़ सौ के करीब और राजधानी लखनऊ का दो सौ से कम होने के साथ संतुलित स्थिति में है। वहीं प्रयागराज में प्रदूषण झांसी से भी कम है। लेकिन, कानपुर के प्रदूषण सुधार में कोई खास प्रभाव नहीं पड़ रहा है। प्रदूषण की मार झेल रहे औद्योगिक राजधानी में बेलगाम चिमनियों से काला धुंआ हवा में घुल रहा है, बिना मेंटिनेंस के दौड़ रहीं डग्गामार गाड़ियां भी काले धुएं का जहर घोल रही हैं तो वहीं धूल और गंदगी को लेकर भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से पर्यावरण लगातार खतरे को झेल रहा है।
मंडल में टॉप पर कानपुर
जिला एक्यूआई
कानपुर 208
लखनऊ 199
झांसी 155
प्रयागराज 118
बरेली 88
आगरा 82
पश्चिमी हवाओं की गति से देखेगा असर
उत्तर पश्चिमी हवाओं के तेज होने से प्रदूषण में कमी आएगी। दो दिन में यह हवाएं तेज हुई हैं। मौसम विज्ञानी डॉ. एसएन सुनील पांडेय ने बताया कि शुक्रवार से उत्तर पश्चिमी हवाएं चालू हुई थीं, तब यह हवा 1.4 किमी प्रति घंटे की गति से चली थी। शनिवार और रविवार को यह गति 4 किमी प्रति घंटा रही है। जैसे जैसे गति बढ़ेगी, प्रदूषण में कमी आएगी।
