लखनऊ: मॉसकाम कोर्स से दूर हो रहे हैं छात्र, लविवि समेत कई महाविद्यालयों में सीटें खाली
लखनऊ। पत्रकारिता एवं जनसंचार में लविवि समेत कई महाविद्यालयों में सीटें खाली हैं। मॉसकाम कोर्स से दूर हो रहे छात्रों को लुभाने के लिए शिया पीजी कालेज में पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग ने ऑफर शुरू किया है। इसके तहत अब सीटों को भरने के लिए छात्रों को पहले आओ पहले पाओ का ऑफर दिया है।
शिया पीजी कालेज के पत्रकारिता एवं जनसंचार के कोआर्डिनेटर डॉ. प्रदीप शर्मा का कहना है कि पत्रकारिता एवं जनसंचार में 40 सीटें हैं, इनमें प्रवेश की संख्या 10 भी पार नहीं कर पा रही थी। इसलिए विभाग ने छात्रों को पहले आओ और पहले पाओ स्लोगन के तहत आकर्षित करने का प्रयास किया है। जिसका लाभ मिला और तीस सीटों पर प्रवेश हो गए। अभी तकरीबन दस सीटें खाली हैं। उन्होंने बताया कि शिया पीजी कॉलेज के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग की बची सीटों पर पहले आओ पहले पाओ ऑफर के तहत प्रवेश प्रक्रिया जारी है।
लविवि में भी मासकाॅम की एडमिशन प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद अभी भी कुछ सीटें खाली हैं। जिनके लिए विवि ने कई बार छात्र-छात्राओं से आवेदन की अपील की है। लविवि में मासकाॅम की 40 सीटें भी नहीं भरी हैं। इसी क्रम में प्राइवेट काॅलेजों में और इंटीग्रल यूनिवर्सिटी के अलावा बिजनौर रोड स्थित आर्याकुल कालेज में भी पत्रकारिता-जनसंचार की सीटें खाली हैं।
सुविधाओं के बावजूद सीटें खाली
पत्रकारिता में कॅरियर बनाने के लिए शिया पीजी काॅलेज में पत्रकारिता-जनसंचार विभाग में ऑडियो विजुअल लैब, वाई-फाई कैम्पस, फुली आटोमेटेड लाइब्रेरी, वर्कशाप, मीडिया सेंटर और मीडिया क्लब की सुविधा उपलब्ध है।
अखबारों पर पड़ी बंदी की मार और फिर कोरोना काल ने पत्रकारिता के क्षेत्र से युवाओं को दूर किया है। साथ ही पत्रकारिता में सबसे अधिक रोजगार देने के लिए प्रिंट मीडिया का गिरता ग्राफ सबसे बड़ा कारण है ...प्रदीप शर्मा, कोआर्डिनेटर शिया पीजी काॅलेज।
