बाराबंकी: मकान के विवाद में भाई ने भाई को उतारा मौत के घाट

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

बड्डूपुर (बाराबंकी), अमृत विचार। घूंघटेर थाना क्षेत्र के झबरे पुरवा मजरे दीनपनाह गांव में मकान के बंटवारे को लेकर हुए विवाद में छोटे भाई ने बड़े भाई को मौत के घाट उतार दिया। मकान के विवाद में हुई झड़प में दोनों पक्षों के कई लोग घायल हुए हैं। विचारकासखंड निदूरा के अंतर्गत घूंघटेर थाना क्षेत्र …

बड्डूपुर (बाराबंकी), अमृत विचार। घूंघटेर थाना क्षेत्र के झबरे पुरवा मजरे दीनपनाह गांव में मकान के बंटवारे को लेकर हुए विवाद में छोटे भाई ने बड़े भाई को मौत के घाट उतार दिया। मकान के विवाद में हुई झड़प में दोनों पक्षों के कई लोग घायल हुए हैं।

विचारकासखंड निदूरा के अंतर्गत घूंघटेर थाना क्षेत्र के झबरे पुरवा मजरे दीनपनाह निवासी गंगा प्रसाद मौर्य के चार पुत्र हैं। जिसमें राम ऊदल और बजरंग मौर्य के बीच पुराने मकान के बंटवारे को लेकर कई दिनों से विवाद चल रहा था। गुरुवार की शाम दोनों के बीच बंटवारे को लेकर हुई कहासुनी के दौरान दोनों के परिजन एकत्रित हो गए और देखते देखते दोनों पक्षों में लाठी डंडे चलने लगे। जिसमें राम उदल व उसकी पत्नी कलावती पुत्र रंजीत सोनू व प्रहलाद घायल हो गए, जबकि दूसरे पक्ष से बजरंग उसकी पत्नी चंद्रकला प्रियंका शांति व शिवनाथ घायल हो गए थे।

राम ऊदल के सिर में काफी चोट होने के कारण समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घूघटेर के डॉक्टरों ने जिला अस्पताल को रेफर कर दिया जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घुंघटेर प्रभारी निरीक्षक दुर्गेश कुमार मिश्रा से फोन पर संपर्क किया गया तो उनका फोन नहीं उठा।

छोटा भाई  बड़े भाई के खून का प्यासा क्यों बना
मृतक राम उदल के छोटे भाई परसराम मौर्य ने बताया कि बजरंग मौर्य कोई काम नहीं करते थे। पिता गंगा प्रसाद बजरंग भैया के पास रहते थे और उनके पास जो बैंक बैलेंस, खेती बाड़ी और जो संपत्ति थी उसे बेचकर जुआ और शराब में खत्म कर दिया। सन 2014 में पिता गंगा प्रसाद किसी अज्ञात कारण से जल गए और इलाज कराने के लिए बड़े भैया राम ऊदल के पास लखनऊ पहुंचे। वहां पर पहुंच कर के राम ऊदल ने पिताजी का इलाज कराया और जब वह ठीक हो गए तो लखनऊ से गांव आकर फिर बजरंग भैया के पास रहने लगे।

इसी बीच बचा हुआ मकान को पिता गंगा प्रसाद ने राम ऊदल के नाम रजिस्ट्री कर दी। सन 2018 में पिता गंगा प्रसाद मौर्य लापता हो गए जिनका तक पता नहीं चल सका। उसके बाद बजरंग मौर्य मकान के ऊपर बाराबंकी न्यायालय में मुकदमा दायर कर दिया मुकदमे का फैसला इसी माह न्यायालय से राम उदल भैया के पक्ष में सुनाया गया। जिस पर राम ऊदल ने गुरुवार को उसी जगह मकान बनवा रहे थे। मकान बनाते समय भाई बजरंग मौर्य आये और मारपीट करने लगे जिससे बड़े भाई राम ऊदल के सिर में काफी चोट लगी जिससे जिला अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई है।

संबंधित समाचार