अयोध्या: जिला प्रशासन ने रात के अंधेरे में रामगुलेला मार्ग की दुकानों को कराया ध्वस्त, व्यापार मंडल ने दी चेतावनी
अमृत विचार, अयोध्या। भक्ति मार्ग के चौड़ीकरण में कई दिन से बाधक बनी रामगुलेला मार्ग की दुकानों को बुधवार की रात जिला प्रशासन ने बुलडोजर से ध्वस्त करवा दिया। दुकानों में रखे सामान को कर्मचारियों ने निकालकर अलग-अलग बोरों में भरा है और नंबरिंग कर सील किया गया है। सील बोरों को नगर निगम परिसर में रखवाया गया है। कार्रवाई के बाद भी दोनों पक्ष अपनी-अपनी बात कह रहे हैं।
श्रृंगारहाट से राम मंदिर दर्शन मार्ग तक बन रहे भक्ति मार्ग में हनुमानगढ़ी तथा आसपास सड़क के दोनों तरफ की दुकानों को प्रशासन ने बुल्डोज करा दिया था जबकि कई दुकानों को उनके दुकानदारों ने खुद ही तोड़ दिया था। मार्ग के राह में अमावा मंदिर के निकट रामगुलेला मार्ग स्थित तीन दर्जन दुकानें बाधक बनी हुई थीं। जिला प्रशासन की मशक्कत के बावजूद इनमें से 15 दुकानदारों ने ही मुआवजा लेकर अपनी दुकान सड़क निर्माण में देने की सहमति दी।
जिसके चलते उनको विस्थापन के लिए टेढ़ीबाजार पर बन रहे कॉम्पलेक्स में दुकान आवंटन का आश्वासन दिया गया। प्रशासन की ओर से कई राउंड संबंधित दुकानदारों को समझाने-बुझाने का प्रयास हुआ। हालांकि अवरोध बना हुआ था। बुधवार की रात प्रशासनिक अधिकारी बुलडोजर के साथ मौके पर पहुंचे और दुकानों के अगले हिस्से को तोड़ उनमें रखा सामान अलग-अलग बोरों में रखवाया और सभी पर नंबरिंग कराने के बाद सील कर दिया। इसके बाद सभी दुकानों को जमींदोज कर दिया गया।
प्रभावित दुकानदारों का कहना है कि रामगुलेला मंदिर से जमीनी विवाद के चलते उनको सिविल कोर्ट से स्थगन आदेश हासिल हुआ था जो आज भी प्रभावी है। बावजूद स्टे, बिना सूचना दुकानों पर बुलडोजर चलवा दिया गया। सामान भी नहीं निकालने दिया गया। वहीं एडीएम प्रशासन अमित सिंह का कहना है कि कल कार्रवाई के पहले भी रेजीडेंट मजिस्ट्रेट अयोध्या की ओर से सभी को वार्ता और सहमति के लिए बुलाया गया था। प्रभावितों को मुआवजा भी दिया जा रहा था लेकिन कोई नहीं आया। नजूल की जमीन पर लोगों ने दुकान कर रखी थी। भक्ति मार्ग के निर्माण को लेकर कब्जे को हटवाया गया है।
उद्योग व्यापार मंडल ने दी बाजार बंदी की चेतावनी
रामगुलेला स्थित तीन दर्जन दुकानों को जमींदोज किए जाने पर आक्रोश व्यक्त करते हुए उद्योग व्यापार मंडल ट्रस्ट के अध्यक्ष नन्द कुमार गुप्ता ने पीड़ितों के साथ न्याय न होने पर फिर से बाजार बंदी की चेतावनी दी है। आरोप लगाया है कि सहमति के आधार पर योजना को आगे बढ़ाने के आश्वासन के बावजूद प्रशासन ने जबरदस्ती दुकानों को ध्वस्त करा दिया। व्यापारियों को सामान तक नहीं निकालने दिया और सामान को जब्त कर लिया। उन्होंने कहा कि प्रकरण में केस दर्ज कराया जाएगा और पुरानी मांगों के अनुरूप कार्रवाई न हुई तो फिर से बाजार बंदी तथा नगर निगम चुनाव का बहिष्कार होगा।
