संघर्षगाथा: सरकार के समर्थन से मुश्किलों का मुकाबला कर रहे 'ट्रांसजेंडर’

संघर्षगाथा: सरकार के समर्थन से मुश्किलों का मुकाबला कर रहे 'ट्रांसजेंडर’

ब्लॉक पंचायत ने इस समुदाय द्वारा सामना की जा रही दिक्कतों के मद्देनजर उनकी मदद के लिए हाथ बढ़ाया है। इस समूह का नाम संपूर्ण कला क्षेत्र है और इसे दक्षिणी राज्य में एक सरकारी निकाय द्वारा शुरू या प्रोत्साहित ट्रांसजेंडर का पहला ऐसा पेशेवर समूह माना जा रहा है।

कासरगोड़ (केरल)। चेहरे पर बह रहे पसीने की परवाह किए बगैर ट्रांसजेंडर कलाकारों ने अपने अगले कार्यक्रम से पहले यहां ब्लॉक पंचायत कार्यालय में नृत्य का अभ्यास जारी रखा। जब ट्रांसजेंडर कलाकार पारंपरिक शास्त्रीय एवं लोक नृत्य करते-करते बड़ी सहजता से सिनेमाई नृत्य प्रस्तुत करने लगे तो वहां मौजूद लोगों ने उनकी प्रशंसा में तालियां बजाईं।

इन ट्रांसजेंडर कलाकारों के लिए, यह केवल एक प्रस्तुति नहीं बल्कि अपनी रोजी-रोटी कमाने का एक साधन है। साथ ही तमाम बाधाओं का मुकाबला करते हुए इस समाज में अपनी उपस्थिति को और अधिक दृश्यमान बनाने का एक प्रयास भी है। ये कलाकार एक अनूठी कला मंडली के सदस्य हैं, जो केरल के कासरगोड जिले के कान्हागढ़ में ब्लॉक पंचायत के सहयोग से गठित अपने तरह का पहला समूह है।

ब्लॉक पंचायत ने इस समुदाय द्वारा सामना की जा रही दिक्कतों के मद्देनजर उनकी मदद के लिए हाथ बढ़ाया है। इस समूह का नाम संपूर्ण कला क्षेत्र है और इसे दक्षिणी राज्य में एक सरकारी निकाय द्वारा शुरू या प्रोत्साहित ट्रांसजेंडर का पहला ऐसा पेशेवर समूह माना जा रहा है। जानी-मानी ट्रांसजेंडर कार्यकर्ता ईशा किशोर एक प्रशिक्षित शास्त्रीय नृत्यांगना भी हैं और इस समूह का नेतृत्व कर रही हैं। उन्होंने बताया कि समूह में वर्तमान में 15 से अधिक सदस्य हैं। 

उन्होंने बताया कि इन सदस्यों में से कई के पास कोविड-19 के प्रकोप के बाद कोई स्थायी रोजगार या आजीविका का कोई विशेष साधन नहीं था। उन्होंने बताया, कला और नृत्य में रुचि रखने वाले समुदाय के कई सदस्यों ने एकसाथ आने और एक कला मंडली पंजीकृत कराने का फैसला किया। हमने सोचा, यदि हम एक पंजीकृत समूह के बैनर तले प्रदर्शन करेंगे, तो हमें समाज में अधिक स्वीकृति मिलेगी।

किशोर और साथी ट्रांसजेंडर सदस्यों ने हाल ही में समुदाय के मुद्दों पर चर्चा करने के लिए उनके द्वारा आहूत एक बैठक 'ट्रांसजेंडर सभा' ​​के दौरान कान्हांगढ़ ब्लॉक पंचायत के समक्ष प्रस्ताव पेश किया जिसे ब्लॉक द्वारा स्वीकार कर लिया गया। ब्लॉक पंचायत द्वारा पिछले साल इस कला पहल के लिए चार लाख रुपये दिए गए थे, जिसमें उनकी पोशाक, श्रृंगार के सामान, भोजन, यात्रा लागत और प्रशिक्षण का खर्च शामिल था। 

हालांकि पिछले साल मंडली के सदस्यों की एक अरंगेत्तम (पहला प्रदर्शन) की योजना बनाई गई थी, लेकिन यह योजना मूर्त रूप नहीं ले सकी। हालांकि ब्लॉक पंचायत ने योजना को आगे बढ़ाने के लिए अपने बजट में एक उचित राशि निर्धारित की। एक महीने से अधिक समय के कठोर अभ्यास और तैयारियों के बाद, राज्य के मंत्री एम बी राजेश ने पिछले महीने यहां एक कार्यक्रम में कला मंडली की आधिकारिक शुरुआत की। 

उस समय कलाकारों ने शास्त्रीय के साथ-साथ सिनेमाई नृत्य प्रस्तुत किया। किशोर ने कहा, हमारा मानना ​​है कि उद्घाटन प्रदर्शन से हमारे प्रति लोगों के रवैये में सकारात्मक बदलाव लाने में मदद मिली। कई लोग हमारे पास आए और हमारे काम की सराहना की। हमें विभिन्न जिलों से प्रस्तुति के लिए बुकिंग भी मिल रही हैं।

उन्होंने बताया कि दिसंबर महीने के लिए कम से कम 3-4 बुकिंग मिल चुकी हैं। ब्लॉक पंचायत के सहयोग से, मंडली को कई सरकारी समारोहों में कार्यक्रम प्रस्तुत करने के लिए प्रस्ताव मिल रहे हैं। कान्हागढ़ ब्लॉक पंचायत के अध्यक्ष मणिकंदन ने कहा कि उनका ब्लॉक पंचायत पहला ऐसा निकाय है जिसने हाशिए पर रहने वाले इस समुदाय की मदद करने के लिए एक कला मंडली बनाई है। 

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