लखनऊ : बंगाल के रास्ते बांग्लादेश में कछुआ तस्करी करने वाला गिरफ्तार
आरोपी 155 कछुओं के साथ चढ़ा एसटीएफ के हत्थे, बंगाल के तस्करों के संपर्क में था बिहार का आरोपी
अमृत विचार, लखनऊ। पश्चिम बंगाल के रास्ते बांग्लादेश और म्यांमार में कछुआ बेचने वाले आरोपी को स्पेशल टॉस्क फोर्स (एसटीएफ) ने गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपी के पास से टीम ने अलग-अलग प्रजातियों के 155 कछुओं को बरामद किया है। आरोपी लगातार पश्चिम बंगाल के तस्करों के संपर्क में था जिसके माध्यम से ही तस्करी की जा रही थी।
एसटीएफ पुलिस उपाधीक्षक दीपक सिंह ने बताया कि कछुआ तस्करी गिरोह के सक्रिय होने के विषय में लगातार जानकारी मिल रही थी। जिस पर एसटीएफ की एक टीम गठित की गई। टीम आरोपियों की तलाश में लगी थी कि इसी बीच सूचना मिली कि कछुआ तस्करी करने वाले आरोपी लखीमपुर खीरी में कुछ कछुआ लेकर घूम रहा है।
मौके पर पहुंची टीम को देखते ही आरोपी भागने का प्रयास करने लगा। आरोपी भागने में सफल होता कि टीम ने उसे धर दबोचा। गिरफ्तार आरोपी की पहचान गांव कुकुर भुक्का थाना गोपालगंज बिहार निवासी नीरज दीक्षित के रूप में हुई है। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह यूपी-बिहार की नदियों से इन कछुओं को पकड़ता है। जिसे पश्चिम बंगाल के तस्करों के माध्यम से बांग्लादेश, म्यांमार, चीन और मलेशिया में सप्लाई किया जाता है। जिसके एवज में आरोपी मोटी रकम वसूलते थे।
11 प्रजातियों के कछुओं का होता है व्यापार
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि भारत में कुल 29 प्रजातियों के कछुए पाए जाते हैं। जिनमें से 15 प्रजातियों के कछुए सिर्फ उत्तर प्रदेश में पाए जाते हैं। इनमें 11 प्रजातियों के कछुओं का व्यापार किया जाता है। इन कछुओं के मांस व कैलिपी (झिल्ली) को सुखाकर शक्तिवर्धक दवा बनाए जाते हैं। जबकि, इनके मुलायम कवच और कठोर कवच को अलग-अलग कार्यों में उपयोग किया जाता है। इन प्रजातियों के कछुए यमुना, चंबल, गोमती, घाघरा नदियों समेत अन्य नदी में आसानी से मिल जाते हैं।
