संभल: तहसील में नहीं पहुंचे किसान, सीओ व प्रभारी निरीक्षक करते रहे इंतजार

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अमियापुर पचाक में किसानों ने जलाया गन्ना, 450 रुपये प्रति क्विंटल गन्ना मूल्य मांगा

संभल/चन्दौसी, अमृत विचार। भारतीय किसान यूनियन (असली) के सदस्यों को गन्ना जलाकर तहसील में विरोध प्रदर्शन करना था, लेकिन वे नहीं पहुंचे। इसके बाद मंडी में कार्यक्रम की सूचना दी गई, लेकिन किसान यहां भी नहीं पहुंचे। पुलिस दोनों स्थानों पर किसानों का इंतजार करती रही। हालांकि तहसील स्तर पर यह कार्यक्रम ग्राम अमियापुर पचाक में ही किया गया।
 
भारतीय किसान यूनियन (असली) के सदस्यों ने गुरुवार को तहसील में अपनी विभिन्न मांगो को लेकर गन्ना जलाकर विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की थी। इसकी सूचना पर सीओ दीपक तिवारी व प्रभारी निरीक्षक सतेंद्र सिंह पंवार पुलिस बल के साथ तहसील में काफी समय पहले पहुंच गए, लेकिन वहां पर किसान नहीं पहुंचे। करीब एक घंटे बाद भाकियू के मंडल उपाध्यक्ष वीरेश यादव चार किसानों के साथ तहसील पहुंचे। 

यहां पर अन्य किसान नेताओं को न देखकर वह भी अचंभित रह गए। इधर-उधर फोन कॉल की, लेकिन कोई किसान नहीं पहुंचा। इसके बाद किसान नेता ने मंडी में विरोध प्रदर्शन करने की जानकारी दी। तभी पुलिस कर्मी मंडी समिति पहुंच गए, लेकिन यहां भी कोई किसान नहीं पहुंचा। हालांकि यह कार्यक्रम ग्राम अमियापुर पचाक में ही हुआ। 

यहां तहसील अध्यक्ष चौधरी धर्मवीर से किसानों ने खेत में गन्ना जलाया और कहा कि गन्ना मूल्य का ब्याज समेत भुगतान व वर्तमान पेराई सत्र के लिए स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश के अनुरुप 450 प्रति क्विटल करने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। तहसील अध्यक्ष चौधरी धर्मवीर सिंह ने कहा कि पेराई सत्र शुरू हुए एक माह हो गया है, लेकिन किसान हितों के प्रति उदासीन सरकार ने गन्ने का मूल्य एमएसपी के अनुसार घोषित नहीं किया है। इस दौरान बृजपाल सिंह, गजपाल सिंह, छत्रपाल सिंह, लल्लू सिंह, रामकिशोर, फतेह सिंह आदि किसान नेता मौजूद रहे।

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